भारत से ईरान का सख्त संदेश: “जंग हमने नहीं शुरू की, खत्म हम करेंगे”
Mediawali news
पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच Iran ने भारत की धरती से United States और Israel को कड़ा संदेश दिया है। ईरान ने दोहराया कि यह युद्ध उस पर थोपा गया है और इसे खत्म करने का फैसला भी वही करेगा। भारत में ईरान के प्रतिनिधि डॉ. मोहम्मद जियाईनिया ने एक इंटरव्यू में कहा कि किसी भी स्वतंत्र राष्ट्र पर बिना अंतरराष्ट्रीय प्रक्रिया के हमला करना 21वीं सदी में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने इस संघर्ष को “थोपा गया युद्ध” करार दिया।
खामेनेई के संकल्प का हवाला
ईरानी पक्ष ने अपने दिवंगत सुप्रीम लीडर Ali Khamenei के बयान का हवाला देते हुए कहा कि “उन्होंने युद्ध शुरू किया, लेकिन यह हम तय करेंगे कि इसे कैसे खत्म करना है।” यह बयान साफ संकेत देता है कि ईरान पीछे हटने के मूड में नहीं है। एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी तेहरान का रुख आक्रामक बना हुआ है और वह अमेरिका-इजरायल को जवाब देने के लिए तैयार दिख रहा है।
कई देशों तक फैला संकट
यह संघर्ष अब सिर्फ तीन देशों तक सीमित नहीं रहा। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह जंग पूरे पश्चिम एशिया में फैल चुकी है और United Arab Emirates, Saudi Arabia, Qatar, Lebanon, Iraq, Jordan और Oman जैसे देश भी इसकी चपेट में आ चुके हैं। बताया जा रहा है कि अब तक 3,000 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, जिसमें बड़ी संख्या ईरान की है। ईरान लगातार अमेरिकी ठिकानों, इजरायल और उनके सहयोगी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है।
हूती विद्रोहियों की एंट्री से बढ़ा खतरा
इस युद्ध को और खतरनाक बनाने में Houthi Movement की भूमिका अहम मानी जा रही है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के कूदने से संघर्ष का दायरा और बढ़ गया है। हालांकि Pakistan, Turkey और Egypt जैसे देशों ने मध्यस्थता की कोशिश की है, लेकिन अभी तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है। ईरान ने कई प्रस्तावों को खारिज कर दिया है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर
इस युद्ध का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है। तेल और गैस की सप्लाई बाधित होने से कीमतों में भारी उछाल आया है। सप्लाई चेन प्रभावित होने से कई देशों की अर्थव्यवस्था संकट में आ गई है, खासकर छोटी अर्थव्यवस्थाएं ज्यादा प्रभावित हो रही हैं। भारत जैसे देश भी इस संकट से अछूते नहीं हैं, क्योंकि उनकी ऊर्जा जरूरतें काफी हद तक इसी क्षेत्र पर निर्भर करती हैं।
कब थमेगी जंग?
पश्चिम एशिया में दशकों बाद इतना बड़ा संकट देखने को मिल रहा है। हालात ऐसे हैं कि इस युद्ध का अंत कब और कैसे होगा, इसका अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल है। हालांकि, Strait of Hormuz फिलहाल पूरी तरह बाधित नहीं हुआ है, जो कुछ हद तक राहत की बात है। लेकिन अगर यह रास्ता बंद होता है, तो वैश्विक ऊर्जा संकट और गहरा सकता है। कुल मिलाकर, यह संघर्ष अब केवल क्षेत्रीय नहीं रहा, बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है।