दिल्ली जल बोर्ड का कर्मचारी बनकर ठगे 3.39 लाख

मोबाइल पर ऐप डाउनलोड कराया, डेबिट और क्रेडिट कार्ड का एक्सिस मिलते हुए ट्रांजेक्शन

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Mediawali news,Noida

साइबर अपराधियों ने दिल्ली जल बोर्ड का अधिकारी बनकर एक व्यक्ति के मोबाइल फोन को हैक कर बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड से 3.39 लाख रुपए निकाल लिए। पीड़ित ने मामले की शिकायत सेक्टर 126 थाने में केस दर्ज कराया है। पुलिस खातों का ट्रांजेक्शन के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

दिल्ली के त्रिलोकपुरी निवासी वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि वर्तमान में वह सेक्टर-128 स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। उनके मोबाइल नंबर पर इसी महीने दो मई की तारीख को एक एसएमएस मिला। उसमें लिखा था दिल्ली जल बोर्ड का कर्मचारी बोल रहा है और पानी के बिल मीटर की रीडिंग अपडेट करनी है। इसके लिए एक मोबाइल नंबर पर संपर्क करने को कहा गया। पीड़ित ने दिए गए नंबर पर कॉल किया। कॉलर ने व्यक्ति ने खुद को दिल्ली जल बोर्ड का कर्मचारी बताया और मोबाइल में एक ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा। जैसे ही ऐप इंस्टॉल किया गया, मोबाइल फोन हैक हो गया।

इसके तुरंत बाद बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड से कई ट्रांजैक्शन होने लगे। बचत खाते से करीब 65 हजार रुपये निकाल लिए गए, जबकि क्रेडिट कार्ड के जरिए लगभग 2 लाख 74 हजार रुपए का ट्रांजैक्शन ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट पर किया गया। कई अन्य असफल ट्रांजैक्शन के मैसेज भी पीड़ित को मिले। घटना का पता चलते ही पीड़ित ने बैंक से संपर्क कर खाते और कार्ड को ब्लॉक कराया। साथ ही नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई। अब मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच कर रही है।

रिमोट एक्सेस ऐप करा रहे डाउनलोड

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधी सरकारी विभागों के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर मोबाइल में रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड करा रहे हैं। इसके जरिए मोबाइल और बैंकिंग डिटेल्स तक पहुंच बनाई जाती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कोई एप डाउनलोड न करें और न ही बैंक संबंधी जानकारी साझा करें

मोबाइल पर ऐप डाउनलोड कराया, डेबिट और क्रेडिट कार्ड का एक्सिस मिलते हुए ट्रांजेक्शन

साइबर अपराधियों ने दिल्ली जल बोर्ड का अधिकारी बनकर एक व्यक्ति के मोबाइल फोन को हैक कर बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड से 3.39 लाख रुपए निकाल लिए। पीड़ित ने मामले की शिकायत सेक्टर 126 थाने में केस दर्ज कराया है। पुलिस खातों का ट्रांजेक्शन के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

दिल्ली के त्रिलोकपुरी निवासी वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि वर्तमान में वह सेक्टर-128 स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। उनके मोबाइल नंबर पर इसी महीने दो मई की तारीख को एक एसएमएस मिला। उसमें लिखा था दिल्ली जल बोर्ड का कर्मचारी बोल रहा है और पानी के बिल मीटर की रीडिंग अपडेट करनी है। इसके लिए एक मोबाइल नंबर पर संपर्क करने को कहा गया। पीड़ित ने दिए गए नंबर पर कॉल किया। कॉलर ने व्यक्ति ने खुद को दिल्ली जल बोर्ड का कर्मचारी बताया और मोबाइल में एक ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा। जैसे ही ऐप इंस्टॉल किया गया, मोबाइल फोन हैक हो गया।

इसके तुरंत बाद बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड से कई ट्रांजैक्शन होने लगे। बचत खाते से करीब 65 हजार रुपये निकाल लिए गए, जबकि क्रेडिट कार्ड के जरिए लगभग 2 लाख 74 हजार रुपए का ट्रांजैक्शन ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट पर किया गया। कई अन्य असफल ट्रांजैक्शन के मैसेज भी पीड़ित को मिले। घटना का पता चलते ही पीड़ित ने बैंक से संपर्क कर खाते और कार्ड को ब्लॉक कराया। साथ ही नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई। अब मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच कर रही है।

रिमोट एक्सेस ऐप करा रहे डाउनलोड

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधी सरकारी विभागों के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर मोबाइल में रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड करा रहे हैं। इसके जरिए मोबाइल और बैंकिंग डिटेल्स तक पहुंच बनाई जाती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कोई एप डाउनलोड न करें और न ही बैंक संबंधी जानकारी साझा करें।

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