मीडिया वाली

Youtube Live
ब्रेकिंग न्यूज़
नवीनतम समाचार लोड हो रहे हैं...

पश्चिम एशिया संकट पर शशि थरूर का बड़ा बयान: “संयम सरेंडर नहीं, कूटनीतिक ताकत है”

Tags: ,
Mediawali news

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अपनी ही पार्टी के रुख से अलग बयान देते हुए केंद्र सरकार का समर्थन किया है। उन्होंने साफ कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार इस संकट पर जो रणनीति अपना रही है, वही देशहित में है। थरूर ने यह भी जोड़ा कि अगर कांग्रेस की सरकार होती, तब भी वे यही सलाह देते कि भारत को संयम और संतुलन बनाए रखना चाहिए।

 “विपक्ष के लिए नैतिक बातें आसान”

एक इंटरव्यू में थरूर ने कहा कि विपक्ष में रहकर नैतिक मूल्यों की बात करना आसान होता है, लेकिन सरकार की जिम्मेदारी अलग होती है। उन्होंने सोनिया गांधी समेत विपक्ष के नेताओं के विचारों का सम्मान करते हुए कहा कि विपक्ष के पास “मोरल स्टैंड” लेने की स्वतंत्रता होती है, जबकि सरकार को व्यावहारिक और रणनीतिक फैसले लेने पड़ते हैं। उनके अनुसार, उनका लेख इस बात पर केंद्रित है कि सरकार को ऐसे संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर कैसे कदम उठाने चाहिए।

 आर्टिकल में लिबरल्स पर निशाना

शशि थरूर ने एक अखबार में लिखे अपने लेख में उन लोगों की आलोचना की, जो सरकार की “चुप्पी” वाली नीति को कमजोरी मान रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत का संतुलित रुख दरअसल एक सोची-समझी कूटनीतिक रणनीति है। थरूर के अनुसार, हर स्थिति में खुलकर बयान देना ही सही नीति नहीं होती, बल्कि कई बार शांत रहकर हालात को संभालना ज्यादा प्रभावी होता है।

 “संयम ही असली ताकत”

थरूर ने अपने बयान में यह स्पष्ट किया कि संयम को कमजोरी समझना गलत है। उनके मुताबिक, “संयम सरेंडर नहीं, बल्कि शक्ति का प्रतीक है।” उन्होंने कहा कि भारत जैसे बड़े देश को अंतरराष्ट्रीय मामलों में जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देने के बजाय संतुलन और समझदारी से काम लेना चाहिए।

 कुल मिलाकर, शशि थरूर का यह रुख बताता है कि वैश्विक संकटों के दौरान राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देना जरूरी है, और कूटनीति में संयम ही सबसे बड़ी ताकत साबित हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Home
News
Videos
Audios