नोएडा में भीषण आग: ईवी बैटरी में स्पार्क से पांच मंजिला पीजी धधकी, दो की मौत, 50 लोगों का रेस्क्यू
Mediawali news, नोएडा
नोएडा के सेक्टर-66 स्थित मामूरा गांव में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया। नोएडा में आग की यह घटना उस समय हुई जब एक पांच मंजिला पीजी (पेइंग गेस्ट) भवन की पार्किंग में चार्जिंग पर लगी इलेक्ट्रिक स्कूटी की बैटरी में अचानक स्पार्क हुआ। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पार्किंग में खड़ी 17 बाइकें भी इसकी चपेट में आ गईं। आग और धुएं ने पूरी इमारत को अपनी गिरफ्त में ले लिया। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 13 लोग घायल हो गए। दमकल और पुलिस की संयुक्त टीम ने साहसिक अभियान चलाकर करीब 50 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
ईवी बैटरी में स्पार्क से फैली आग
जानकारी के अनुसार, सेक्टर-66 के मामूरा गांव की गली नंबर-2 स्थित जी-4 पीजी में बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे चार्जिंग पर लगी इलेक्ट्रिक स्कूटी की बैटरी में स्पार्क हुआ। देखते ही देखते पार्किंग में आग फैल गई और वहां खड़ी 17 बाइकें जलने लगीं। आग की तेज लपटें और घना धुआं कुछ ही देर में ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गया। उस समय भवन में लगभग 130 लोग मौजूद थे, जिनमें कई लोग नाइट शिफ्ट के बाद अपने कमरों में सो रहे थे।
50 लोगों का सफल रेस्क्यू
आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की सात गाड़ियां और मौके पर पहुंचे। संकरी गलियों के कारण फायर टेंडर सीधे भवन तक नहीं पहुंच सके, इसलिए जवानों ने दूर से पाइप बिछाकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया। पुलिस और दमकल विभाग ने चार अलग-अलग टीम बनाकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। चौथी और पांचवीं मंजिल पर फंसे करीब 50 लोगों को छत, बालकनी और पड़ोसी भवन की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया। कई लोगों को दमकल कर्मियों ने कंधों पर उठाकर एंबुलेंस तक पहुंचाया।
दो लोगों की दर्दनाक मौत
हादसे में बिहार की रहने वाली स्नेहा श्रीवास्तव गंभीर रूप से झुलस गईं। उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक वह करीब 43 प्रतिशत तक झुलस गई थीं। वहीं एक अज्ञात युवक 80 प्रतिशत से अधिक झुलस गया था, जिसे अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया गया। इसके अलावा 12 से 13 लोगों को धुएं के कारण सांस लेने में परेशानी हुई, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
मकान मालिक और लीज धारक पर केस
डीसीपी सेंट्रल नोएडा शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि घटना के बाद मकान मालिक और लीज धारक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने पीजी के केयरटेकर को हिरासत में लिया है, जबकि भवन संचालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस आग लगने के वास्तविक कारणों और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की जांच कर रही है।
84 कमरों की इमारत में नहीं थे फायर सेफ्टी इंतजाम
प्राथमिक जांच में सामने आया कि इस पांच मंजिला पीजी में कुल 84 कमरे हैं और प्रत्येक कमरे का किराया करीब 12 हजार रुपये प्रतिमाह है। पूरी इमारत में आग से बचाव के लिए कोई फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं था। भवन में ऊपर-नीचे आने-जाने के लिए केवल एक ही सीढ़ी थी, जिससे आपात स्थिति में लोगों को बाहर निकलने में भारी दिक्कत हुई। किरायेदारों ने मोटर और पाइप के जरिए आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैलने के कारण उन्हें पीछे हटना पड़ा।
नाइट शिफ्ट से लौटे लोग सो रहे थे
पीजी में रहने वाले शुभम ने बताया कि वह सेक्टर-62 की एक निजी कंपनी में काम करते हैं और इस समय उनकी नाइट शिफ्ट चल रही थी। सुबह ड्यूटी से लौटने के बाद अधिकांश लोग अपने कमरों में सो रहे थे। अचानक धुआं कमरों में भरने लगा। जब लोगों ने बाहर झांककर देखा तो आग ऊपरी मंजिलों तक पहुंच चुकी थी। शुरुआत में आसपास के लोगों ने भी आग बुझाने और लोगों को बचाने की कोशिश की, लेकिन आग की भयावहता के कारण उन्हें पीछे हटना पड़ा।
नोएडा में आग ने फिर उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
नोएडा में आग की इस घटना ने एक बार फिर बहुमंजिला पीजी और किराये की इमारतों में फायर सेफ्टी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि भवन में पर्याप्त अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता, तो इस बड़े हादसे में जान-माल के नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता था। प्रशासन अब पूरे मामले की जांच कर रहा है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में है।