देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी से जुड़े 26 मुकदमे दर्ज हैं।
Mediawali news, नोएडा
फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को निवेश पर मोटे मुनाफे का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को साइबर क्राइम थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के बैंक खाते में अब तक साइबर ठगी से जुड़े 1.78 करोड़ रुपए आने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन बरामद किया है।
डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि बीते साल दो मई को एक पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि पीड़ित को एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां खुद को शेयर बाजार का विशेषज्ञ बताने वाले साइबर अपराधियों ने अधिक मुनाफे का लालच देकर फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश कराया। इसके बाद उससे लाखों रुपए की साइबर ठगी कर ली गई। इस मामले में थाना साइबर क्राइम में भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, बैंकिंग ट्रांजेक्शन और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी अमलेश प्रसाद को नोएडा से गिरफ्तार किया। आरोपी मूल रूप से सूरजपुर का रहने वाला है और उसकी उम्र 41 वर्ष है।
पुलिस जांच में सामने आया कि अमलेश साइबर ठगों को अपने बैंक खाते इस्तेमाल करने के लिए उपलब्ध कराता था। इसके बदले उसे ठगी की रकम का 10 प्रतिशत कमीशन मिलता था। इसी मामले में पीड़ित से ठगे गए 15.50 लाख रुपये आरोपी के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। उसके खाते में अब तक साइबर ठगी से संबंधित करीब 1 करोड़ 78 लाख रुपए का लेन-देन हुआ है। पुलिस इस धनराशि के स्रोत और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
पहले से दर्ज हैं 26 मुकदमे
पुलिस के मुताबिक आरोपी कोई नया अपराधी नहीं है। उसके खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी से जुड़े 26 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें तेलंगाना में आठ, कर्नाटक में छह, तमिलनाडु में तीन, केरल और महाराष्ट्र में दो-दो, जबकि हरियाणा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तराखंड और गौतमबुद्धनगर में एक-एक मुकदमा दर्ज है। आरोपी लंबे समय से अंतरराज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वह किन-किन साइबर गिरोहों के संपर्क में था और उसके माध्यम से कितने बैंक खाते अपराधियों तक पहुंचाए गए। साथ ही साइबर ठगी से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की लोगों से अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि व्हाट्सऐप या टेलीग्राम ग्रुप में दिए जाने वाले निवेश के प्रस्तावों पर आंख बंद कर भरोसा न करें। केवल सेबी से पंजीकृत निवेश सलाहकारों और अधिकृत ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर ही निवेश करें। किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। जितनी जल्दी शिकायत होगी,उतनी जल्दी रकम वापसी की संभावना अधिक होगी।