नोएडा-ग्रेटर नोएडा में भू-माफियाओं पर बड़ा प्रहार, 5900 करोड़ की सरकारी जमीन कराई कब्जामुक्त
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वाले भू-माफियाओं पर डेढ़ साल में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
Mediawali news, Noida
Noida और ग्रेटर नोएडा में सरकारी जमीनों पर कब्जा जमाने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने बड़ी कार्रवाई की है। पिछले करीब डेढ़ साल में पुलिस और अथॉरिटी की संयुक्त टीमों ने विशेष अभियान चलाकर 13 लाख 25 हजार 960 वर्ग गज सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया है। इस जमीन की अनुमानित कीमत करीब 5903 करोड़ 95 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस का दावा है कि यह जिले में भू-माफियाओं के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में शामिल है। इस अभियान के बाद सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।
नोएडा, सेंट्रल नोएडा और ग्रेटर नोएडा में चला अभियान
गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से यह अभियान तीनों जोन- Noida , सेंट्रल नोएडा और ग्रेटर नोएडा—में चलाया गया। पुलिस ने नोएडा अथॉरिटी और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के साथ मिलकर उन जमीनों को चिन्हित किया, जिन पर लंबे समय से अवैध कब्जा किया गया था। कई जगहों पर भू-माफियाओं ने सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण, बाउंड्री वॉल और अस्थायी ढांचे बना लिए थे। कुछ मामलों में इन जमीनों का व्यावसायिक इस्तेमाल भी किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान बुलडोजर और भारी पुलिस बल की मदद से इन कब्जों को हटाया गया।
सेंट्रल नोएडा जोन में सबसे ज्यादा कार्रवाई
पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक सबसे बड़ी कार्रवाई सेंट्रल Noida जोन में हुई। यहां 8 लाख 89 हजार 127 वर्ग गज जमीन को कब्जामुक्त कराया गया। इस जमीन की कीमत करीब 5009 करोड़ 68 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है। वहीं ग्रेटर नोएडा जोन में 4 लाख 21 हजार 833 वर्ग गज जमीन खाली कराई गई, जिसकी कीमत लगभग 836 करोड़ 27 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा नोएडा जोन में भी 15 हजार वर्ग गज जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया। इस जमीन की अनुमानित कीमत करीब 58 करोड़ रुपये है।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने क्या कहा
लक्ष्मी सिंह ने बताया कि पुलिस और अथॉरिटी की संयुक्त कार्रवाई का उद्देश्य केवल कब्जा हटाना नहीं बल्कि शहर के योजनाबद्ध विकास को गति देना भी है। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे के कारण सड़क, पार्क, सरकारी इमारत और अन्य विकास परियोजनाएं प्रभावित होती हैं। ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता सरकारी संपत्तियों को सुरक्षित रखना है। पुलिस कमिश्नर ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
भू-माफियाओं के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अवैध कब्जा करने वाले लोगों के खिलाफ जिले के अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज की गई है। कई मामलों में जांच जारी है और कुछ जमीनों को लेकर नोएडा अथॉरिटी की शिकायत पर आगे की कार्रवाई की तैयारी चल रही है। पुलिस अब उन लोगों की पहचान कर रही है, जो सरकारी जमीन पर कब्जा करके उसे बेचने या व्यावसायिक इस्तेमाल में लगा रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि जमीन खरीदने वाले लोगों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है ताकि वे किसी फर्जीवाड़े का शिकार न हों।
क्यों बढ़ रहे हैं भू-माफियाओं के मामले?
विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में तेजी से बढ़ती जमीन की कीमतों के कारण भू-माफियाओं की सक्रियता भी बढ़ी है। एक्सप्रेसवे, मेट्रो कनेक्टिविटी और नई औद्योगिक परियोजनाओं के चलते यहां जमीनों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इसी का फायदा उठाकर कुछ लोग खाली पड़ी सरकारी जमीनों पर कब्जा कर लेते हैं। कई मामलों में पहले अस्थायी निर्माण किया जाता है और बाद में उसे स्थायी कब्जे में बदलने की कोशिश होती है। फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन बेचने के मामले भी सामने आते रहे हैं।
सरकारी जमीन बचाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती
तेजी से विकसित हो रहे शहरों में सरकारी जमीनों को सुरक्षित रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। खासकर एनसीआर क्षेत्र में जमीनों की कीमत बढ़ने के कारण भू-माफियाओं की नजर सरकारी और अथॉरिटी की जमीनों पर रहती है। ऐसे में पुलिस और अथॉरिटी का यह संयुक्त अभियान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में भी अवैध कब्जों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ताकि सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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