केजरीवाल आवास विवाद पर सियासत तेज
Mediawali news
दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच यह विवाद पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास को लेकर खड़ा हुआ है। भाजपा नेता परवेश साहिब सिंह वर्मा द्वारा लगाए गए आरोपों पर AAP ने कड़ा जवाब दिया है।
आतिशी का पलटवार: “तस्वीरें पूरी तरह फर्जी”
दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी ने भाजपा के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जो तस्वीरें दिखाई जा रही हैं, वे केजरीवाल के घर की नहीं हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर साफ कहा कि यह एक सुनियोजित दुष्प्रचार है। आतिशी के मुताबिक, जनता को गुमराह करने के लिए फर्जी तस्वीरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
सीएम और एलजी को खुली चुनौती
आतिशी ने इस विवाद को और आगे बढ़ाते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अगर सच्चाई जाननी है, तो सभी अपने-अपने घर जनता के लिए खोल दें। उनका कहना था कि अरविंद केजरीवाल भी अपना आवास दिखाने को तैयार हैं, ताकि लोग खुद तय कर सकें कि कौन सच बोल रहा है।
भाजपा का आरोप: “शीश महल 2.0”
भाजपा नेता परवेश साहिब सिंह वर्मा ने केजरीवाल के नए सरकारी आवास को “शीश महल 2.0” बताते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि केजरीवाल ने सादगी का वादा किया था, लेकिन अब वे एक बेहद आलीशान बंगले में रह रहे हैं। वर्मा ने यह भी कहा कि बंगले में महंगे इंटीरियर और सुविधाएं हैं, जो आम लोगों की उम्मीदों के विपरीत हैं।
AAP का बचाव और पलटवार
AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने भी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के सच्चे कार्यकर्ता किसी दबाव या एजेंसी से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के विवाद खड़े कर रही है।
विवाद की जड़ और आगे की राह
यह विवाद नया नहीं है। इससे पहले भी केजरीवाल के आधिकारिक आवास के नवीनीकरण को लेकर सवाल उठ चुके हैं। भाजपा ने इस मामले को केंद्रीय एजेंसियों तक भी पहुंचाया था। अब दोनों पार्टियों के बीच यह टकराव और तेज हो गया है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह मामला जांच तक पहुंचता है या केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहता है।