दो दिन में 83 स्थानों पर 45 हजार कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन, 300 गिरफ्तार, 50 लोग बाहरी भी हंगामे में शामिल मिले
- अब तक सेक्टर 63 थाना और फेज टू में 10 एफआईआर हुई दर्ज
Mediawali news
गौतमबुद्ध नगर में दो दिन में 83 स्थानों पर 45 हजार की संख्या में कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। सोमवार को हुए प्रदर्शन के दौरान आग लगाने और तोड़फोड़ करने वाले उपद्रवियों के खिलाफ सेक्टर 63 थाने और फेज टू थाने में दस एफआईआर दर्ज हुई हैं। यह केस पुलिस और कई कंपनी मालिकों की ओर से तरफ से दर्ज कराया गया है। साथ ही पुलिस 300 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उनमें करीब 50 से अधिक लोग बाहरी बताए जा रहे हैं। जोकि भीड़ का हिस्सा बनकर कर्मचारियों को उग्र किए और तोड़फोड़ के लिए लोगों को उकसाया। उनके बैकग्राउंड के बारे में पता किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शन के चिन्हिंत स्थलों की निगरानी के लिए पीएसी, पैरामिलिट्री फोर्स, राजपत्रित अधिकारी थाना पुलिस को सुरक्षा के लिए लगाया गया है। अब स्थिति नार्मल हो गई है। लेकिन पुलिस पड़ोसी जनपदों तक कानून-व्यवस्था पर नजर रख रही है। बॉर्डर पर टीम तैनात की गई है, कार या अन्य वाहनों में बैठे लोगों को चेकिंग के बाद इंट्री दी जा रही है। पुलिस के मुताबिक, जिले के 83 स्थानों पर करीब 45 हजार कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान सेक्टर 63 और सेक्टर 82 प्रदर्शन उग्र हो गया और आगजनी व तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं।सोमवार को प्रदर्शन के दौरान दो कंपनियों में आग लगाने की घटनाएं भी हुईं। इसके अलावा कई स्थानों पर वाहनों में तोड़फोड़ और सड़क जाम की स्थिति बनी रही। हालात को देखते हुए पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, विडियो और फोटो के आधार पर उपद्रवियों को चिन्हित किया है। इनमें से कई लोगों को सोमवार देर रात उनके घरों से उठाकर हिरासत में लिया गया।
तनावपूर्ण माहौल के बीच अधिकांश औद्योगिक इकाइयों में कामकाज ठप रहा और करीब 80 प्रतिशत उद्योगपतियों ने एहतियातन अपनी इकाइयां बंद रखीं। हालांकि बंद के पीछे आंबेडकर जयंती की छुट्टी भी बताई गई है।
अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्र ने कहा है कि ‘छिटपुट घटनाओं को छोड़कर स्थिति नियंत्रण में है। सरकार द्वारा वेतन वृद्धि और अन्य मांगों पर निर्णय लिए जाने के बाद श्रमिक शांतिपूर्वक काम पर लौट गए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुबह से ही लगातार मार्च निकाले जा रहे हैं। सुबह पांच बजे से मार्च निकाले जाने शुरू हो गए। सुबह के समय श्रमिक तीन स्थानों पर इकट्ठा हुए, जिन्हें मात्र 15 मिनट के भीतर शांतिपूर्वक तरीके से संवाद कर हटा दिया गया।
क्यूआर कोड स्कैन कर श्रमिकों को जोड़ा, वित्तीय स्रोतों की जांच होगी :
पिछले दो दिन में कई व्हॉट्सऐप समूह बनाए गए हैं, जिनके माध्यम से क्यूआर कोड स्कैन करके श्रमिकों को जोड़ा जा रहा है। इससे संकेत मिलता है कि इन गतिविधियों के पीछे एक संगठित और सुनियोजित नेटवर्क सक्रिय है। अशांति फैलाने में शामिल लोगों की पहचान कर गिरफ्तार किया गया है। साथ ही ये कार्रवाई जारी है। मिश्र ने कहा है कि गिरफ्तार लोगों के वित्तीय स्रोतों की भी जांच की जाएगी। अगर यह पाया जाता है कि उन्हें राज्य या देश के बाहर से आर्थिक सहायता मिली है, तो इस संबंध में भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
सुरक्षा बढ़ाई:
घटना के बाद नोएडा में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने आसपास के जिलों को भी अलर्ट किया है। पड़ोसी जनपदों की पुलिस से भी संपर्क कर कानून-व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की स्थिति को तुरंत नियंत्रित किया जा सके। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से फैल रही अफवाहों पर भी निगरानी रखी जा रही है।