दिल्ली के नक्शे से गायब हुए छह जंगलों के जलस्रोत: आसोला से छतरपुर तक की चौंकाने वाली कहानी

Share your love

दिल्ली के जंगलों में मौजूद कई पुराने जलस्रोत अब सिर्फ कागज़ों में बचे हैं। दिल्ली वन एवं वन्यजीव विभाग ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) को जानकारी दी है कि उसकी निगरानी में आने वाले 28 जलस्रोतों में से 6 जलस्रोत अब पूरी तरह गायब हो चुके हैं। ये छह जलस्रोत करीब 40,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले थे, यानी लगभग छह फुटबॉल मैदानों जितना इलाका। इनमें कुछ छोटे गाँवों के तालाब थे, तो कुछ मध्यम आकार के वेटलैंड। मैदानगढ़ी और शाहूर्पुर के तालाब करीब 1,500 वर्ग मीटर के थे, जबकि सबसे बड़ा जलस्रोत आसोल़ा में था, जो करीब 20,000 वर्ग मीटर में फैला हुआ था।

यह जानकारी विभाग द्वारा एनजीटी में जमा की गई एक स्टेटस रिपोर्ट में सामने आई। यह मामला उस समय शुरू हुआ था जब एनजीटी ने मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर दिल्ली के जलस्रोतों के गायब होने पर स्वत: संज्ञान लिया था। इसके बाद राजधानी के वेटलैंड्स की असल स्थिति जानने के लिए जांच कराई गई। रिपोर्ट के अनुसार, इन छह में से पांच जलस्रोत साउथ फॉरेस्ट डिवीजन में हैं, जिनमें आसोल़ा, मैदानगढ़ी, शाहूर्पुर और छतरपुर शामिल हैं। एक जलस्रोत सेंट्रल डिवीजन के शास्त्री पार्क इलाके में था।

आसोल़ा में विभाग ने बताया कि वहां अब पानी का कोई निशान नहीं बचा। राजस्व रिकॉर्ड में मौजूद विवरण और ज़मीनी स्थिति में मेल नहीं मिला। रिपोर्ट में कहा गया, “इस खसरे में कोई जलस्रोत मौजूद नहीं है। भूमि विभाजन अभी तय नहीं हुआ है।” विभाग के अनुसार, पहले यहां अवैध कब्ज़े थे जिन्हें हटाकर अब फेंसिंग लगाई गई है ताकि दोबारा कब्ज़ा न हो। मैदानगढ़ी में स्थिति और भी गंभीर है। करीब 1,520 वर्ग मीटर के तालाब की जगह अब पूरी तरह एक फार्महाउस बन गया है। रिपोर्ट में कहा गया है, “यहां कोई जलस्रोत नहीं बचा, पूरा क्षेत्र फार्महाउस द्वारा घेर लिया गया है।” इस मामले को जिला टास्क फोर्स को भेजा गया है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

Anjali Priya
Anjali Priya
Articles: 59

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Home
News
Videos
Audios
Work With Us