कानपुर: गरीब छात्रों के सपनों को उड़ान देगी अभ्युदय योजना, मुफ्त कोचिंग जल्द
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शिवा दुलारे , kanpur
कानपुर हर साल हजारों छात्र-छात्राएं आईएएस, पीसीएस, जेईई, नीट और एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का सपना देखते हैं। लेकिन इन सपनों के रास्ते में सबसे बड़ी चुनौती अक्सर महंगी कोचिंग फीस बन जाती है। कई प्रतिभाशाली छात्र सिर्फ आर्थिक तंगी के कारण अपनी तैयारी बीच में छोड़ देते हैं या फिर बिना सही मार्गदर्शन के प्रतियोगी परीक्षाओं में पीछे रह जाते हैं।
ऐसे युवाओं के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आई है। कानपुर में इस योजना के तहत IAS, PCS, JEE, NEET और SSC जैसी प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग शुरू करने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। प्रशासन ने शिक्षकों के चयन के लिए साक्षात्कार पूरा कर लिया है और जल्द ही कक्षाएं शुरू होने की संभावना है।
महंगी कोचिंग नहीं कर पाने वाले छात्रों को मिलेगा सहारा
आज निजी कोचिंग संस्थानों में सिविल सेवा, इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी पर सालाना हजारों से लेकर लाखों रुपये तक खर्च हो जाते हैं। ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इतनी बड़ी राशि जुटाना आसान नहीं होता। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का उद्देश्य ऐसे ही मेधावी छात्रों को बिना किसी शुल्क के अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक स्थिति उनकी प्रतिभा के आड़े न आए।
शिक्षकों के चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जैन की अध्यक्षता में शिक्षकों के चयन के लिए साक्षात्कार आयोजित किए गए। विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों ने अभ्यर्थियों का मूल्यांकन किया। सीडीओ अभिनव जैन ने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल कोचिंग देना नहीं, बल्कि योग्य और अनुभवी शिक्षकों के माध्यम से छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चयन प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ जल्द पूरी की जाए, ताकि विद्यार्थियों का एक भी दिन खराब न हो।
101 आवेदन, 83 अभ्यर्थियों ने दिया इंटरव्यू
जिला समाज कल्याण अधिकारी बीरपाल ने बताया कि योजना के तहत 55 शिक्षकों के चयन के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे।
- कुल आवेदन प्राप्त हुए – 101
- साक्षात्कार में शामिल हुए – 83
- अनुपस्थित रहे – 18
अब मेरिट और चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम सूची जारी की जाएगी।
इन स्थानों पर होगी मुफ्त कोचिंग
प्रशासन ने अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग केंद्र भी तय कर दिए हैं-
- IAS एवं PCS (सिविल सेवा) – छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर
- NEET – राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय, कल्याणपुर
- SSC – डीबीएस डिग्री कॉलेज, कानपुर
प्रशासन का कहना है कि आवश्यकता के अनुसार अन्य परीक्षाओं के लिए भी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
क्यों महत्वपूर्ण है अभ्युदय योजना?
उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की शुरुआत उन छात्रों के लिए की थी, जो प्रतिभाशाली होने के बावजूद आर्थिक कारणों से महंगी कोचिंग नहीं कर पाते। इस योजना के तहत न केवल विषय विशेषज्ञों द्वारा पढ़ाई कराई जाती है, बल्कि कई जिलों में सफल प्रशासनिक अधिकारी, विशेषज्ञ और अनुभवी शिक्षक भी समय-समय पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हैं। इसका उद्देश्य ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में समान अवसर उपलब्ध कराना है।
सीडीओ बोले- प्रतिभा को मिलेगा सही मंच
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जैन ने कहा कि योजना के माध्यम से अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं को अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन मिलेगा। इससे वे प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे और अपने परिवार के साथ-साथ कानपुर का नाम भी रोशन करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि शिक्षकों का चयन पूरा होते ही निःशुल्क कोचिंग कक्षाएं जल्द शुरू कर दी जाएंगी।
एक योजना, हजारों सपनों की उम्मीद
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी केवल किताबों से नहीं होती, बल्कि सही दिशा, अनुभवी शिक्षक और निरंतर मार्गदर्शन भी उतना ही जरूरी होता है। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए यही अवसर उपलब्ध करा रही है। यदि योजना का प्रभावी संचालन होता है, तो आने वाले वर्षों में कानपुर से बड़ी संख्या में ऐसे युवा निकल सकते हैं जो अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर प्रशासनिक सेवाओं, इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य प्रतिष्ठित क्षेत्रों में सफलता हासिल करें।