दूसरे मकान के छज्जे पर बांस की सीढ़ी रखकर और लोगों को सुरक्षित बचाया
Mediawali news, नोएडा
सेक्टर-66 के मामूरा में बहुमंजिला इमारत में लगी भीषण आग के दौरान दमकल और पुलिस की टीम के पहुंचने से पहले कुछ स्थानीय युवाओं ने भी अपनी जान जोखिम में डालकर कई लोगों की जान बचाई। इनमें बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की भूमिका सबसे अहम रही। उन्होंने दूसरे मकान के छज्जे तक बांस की सीढ़ी और बल्लियों की मदद से अस्थायी रास्ता बनाया, जिससे कई महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। साथ ही ग्राउंड फ्लोर में जल रही गाड़ियों को भी बुझाने की कोशिश की।
सेक्टर 66 में रहने वाले रोहित ने बताया कि वह बजरंग दल के कार्यकर्ता हैं। घटना वाले स्थान से कुछ ही दूरी पर वह रहते हैं। किसी साथी ने उन्हें आग लगने और इमारत में लोगों के फंसे होने की सूचना मिली तो ही वे बिना देर किए अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंच गए। उस समय पूरी बिल्डिंग धुएं से भर चुकी थी। कई लोग छत और बालकनी में खड़े होकर मदद की गुहार लगा रहे थे। सीढ़ियों से नीचे उतरना संभव नहीं था, क्योंकि धुआं तेजी से फैल चुका था।ऐसे में कार्यकर्ताओं ने पास के एक मकान से बांस की लंबी सीढ़ी मंगवाई। उसे आग लगी इमारत से सटे दूसरे मकान के छज्जे पर टिकाया गया। रास्ते को सुरक्षित बनाने के लिए दोनों तरफ बांस की बल्लियां भी लगाई गईं, ताकि लोग संतुलन बनाकर एक इमारत से दूसरी इमारत तक पहुंच सकें। सबसे पहले महिलाओं और बच्चों को इस रास्ते से निकाला गया। इसके बाद युवाओं और बुजुर्गों को भी सुरक्षित बाहर लाया गया।
बजरंग दल के कार्यकर्ता सूरज चौधरी ने बताया कि शुरुआत में लोग डर की वजह से आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। तब कार्यकर्ताओं ने उन्हें भरोसा दिलाया और खुद आगे बढ़कर एक-एक व्यक्ति को सहारा देते हुए दूसरी इमारत तक पहुंचाया। कई छोटे बच्चों को गोद में उठाकर सुरक्षित स्थान तक ले जाया गया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने भी पूरा सहयोग किया। तभी मौके पर पुलिस और दमकल विभाग की टीमें भी मौके पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने आग बुझाने का काम शुरू किया, जबकि पुलिस ने आसपास की भीड़ को हटाकर रेस्क्यू ऑपरेशन को आसान बनाया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शुरुआती कुछ मिनटों में बजरंग दल के कार्यकर्ता और आसपास के लोग सक्रिय नहीं होते, तो कई और लोग लंबे समय तक इमारत में फंसे रह सकते थे।
पूरे इलाके में पांच से छह मंजिला के बने हैं मकान
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में कई पांच से छह मंजिला की इमारतों बनी हुई हैं। जिसमें पीजी संचालन किया जाता है। इतने मंहगे किराया लेने के बाद भी बिल्डिंग में कोई चौकीदार रहता नहीं रहता है। घटना वाली बिल्डिंग में अगर पार्किंग में कोई कर्मचारी या चौकीदार रहता तो समय रहते आग का पता चल जाता। जिससे शायद इतना बड़ा नुकसान नहीं होता।