नोएडा में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा: फर्जी दस्तावेजों से बैंक खाते खोलने वाले चार ठग गिरफ्तार

Share your love
नोएडा में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा: फर्जी दस्तावेजों से बैंक खाते खोलने वाले चार ठग गिरफ्तार

 

नोएडा पुलिस ने शनिवार को सेक्टर-66 से साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले चार ठगों को गिरफ्तार किया है। फेज-3 थाना पुलिस की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान वरूण प्रताप, सार्थक गुप्ता, अर्थव दीक्षित और गैंग के सरगना मोनू यादव के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि ये आरोपी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर ठगों को बेच देते थे। इन खातों का उपयोग डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन गेमिंग और शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था।


टेलीग्राम और वॉट्सऐप से होता था संपर्क


डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि गैंग का सरगना मोनू यादव बीएससी पास है और वह टेलीग्राम व वॉट्सऐप ग्रुप्स के जरिए साइबर अपराधियों से संपर्क करता था। वह उनसे खाते की मांग मिलने पर फर्जी कागजात तैयार करवाकर बैंक खाता खुलवाता और खाते की डिटेल, डेबिट कार्ड, चेक बुक और सिम साइबर अपराधियों को भेज देता था। इसके बदले में प्रति खाते पर करीब 60 हजार रुपये की रकम ली जाती थी।


खातों की लिमिट 50 लाख से 5 करोड़ रुपये तक


पुलिस के अनुसार, इन खातों की लिमिट 50 लाख रुपये से लेकर 5 करोड़ रुपये तक होती थी। इन खातों में ठगी से प्राप्त रकम को ट्रांसफर किया जाता था, जिसका पूरा नियंत्रण साइबर अपराधियों के पास रहता था। इसके अलावा आरोपी लिंक भेजकर आम नागरिकों को ऑनलाइन गेमिंग और सट्टे में फंसाते थे। इस माध्यम से भी उनके खातों में रोजाना करीब एक करोड़ रुपये तक की रकम आती थी।


रैकेट का संचालन संगठित तरीके से


पूछताछ में सामने आया कि मोनू यादव ने अपने साथी रोहित यादव को किट अकाउंट, चेक बुक, डेबिट कार्ड और सिम कार्ड सप्लाई करने की जिम्मेदारी दे रखी थी। वहीं वरूण प्रताप, सार्थक गुप्ता और अर्थव दीक्षित इन अकाउंट्स की डिटेल इकट्ठा कर रोहित यादव को सौंपते थे। बदले में ये आरोपी प्रत्येक सक्रिय बैंक खाते पर रोजाना 50 हजार रुपये तक का भुगतान लेते थे।


पुलिस ने बरामद किए सबूत


गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन, सात डेबिट कार्ड, एक चेक बुक और एक बलेनो कार बरामद की है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और साइबर अपराधियों की तलाश कर रही है।
डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने कहा कि यह गैंग देशभर में फैले साइबर अपराध नेटवर्क का हिस्सा था। पुलिस अब बैंक और साइबर सेल के साथ मिलकर खातों की पूरी डिटेल खंगाल रही है, ताकि ठगी से जुड़ी रकम का पता लगाया जा सके।

“साइबर अपराधियों के लिए फर्जी बैंक खाते तैयार करना अब एक संगठित अपराध बन चुका है। आम जनता को सतर्क रहने और अज्ञात लिंक या ऑफर पर अपनी बैंक जानकारी साझा न करने की सलाह दी गई है।” — डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Home
News
Videos
Audios
Work With Us