जिले में डेंगू के मामलों में बड़ी कमी, स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील
डेंगू मामलों में गिरावट, स्थिति नियंत्रण में
जनपद में इस सप्ताह डेंगू के मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। जहां पहले हर सप्ताह कई नए मरीज सामने आ रहे थे, वहीं अब यह संख्या घटकर केवल एक या दो रह गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस वर्ष जिले में अब तक 695 डेंगू और 192 मलेरिया मामलों की पुष्टि की गई है। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन पूरी सतर्कता अभी भी जरूरी है।
लक्षण दिखने पर तुरंत जांच करवाने की सलाह
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अनुराग सागर ने कहा कि डेंगू के शुरुआती लक्षणों—जैसे लगातार बुखार, सिरदर्द, लाल दाने, आंख घुमाने में दर्द—को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने बताया कि कुछ गंभीर मामलों में मरीजों को पीठ और जोड़ों में तेज दर्द, मसूड़ों तथा नाक से खून आने की शिकायत भी हो सकती है। ऐसे लक्षण दिखते ही तत्काल डॉक्टर से संपर्क करने की आवश्यकता है।
बचाव ही सबसे असरदार उपाय: मलेरिया अधिकारी
जिला मलेरिया अधिकारी श्रुतिकीर्ति वर्मा ने बताया कि डेंगू की रोकथाम दवाइयों से अधिक सावधानी पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि मरीजों को ठीक होने के बाद भी चिकित्सक द्वारा बताए गए पूरे दवा कोर्स को पूरा करना चाहिए। मानसून के दौरान मच्छर जनित बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है और डेंगू उनमें सबसे अधिक प्रभावित करने वाली बीमारी है।
पिछले तीन वर्षों के आंकड़े
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2023–24: 993 केस
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2024–25: 604 केस
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2025 (अब तक): 695 केस
डेंगू से बचाव: क्या करें
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सप्ताह में एक दिन कूलर और पानी की टंकी खाली कर साफ करें।
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रुके हुए पानी में मिट्टी का तेल या जला तेल की 2 बूंदें डालें।
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सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
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पूरे बाजू के कपड़े पहनें।
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बुखार आए तो तुरंत जांच कराएं।
क्या न करें
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घर के आसपास साफ पानी इकट्ठा न होने दें।
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बिना जांच के कोई दवा न लें।
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कूलर या टंकी का ढक्कन खुला न छोड़ें।