गलत बैठने की आदत बन रही खतरा: 70% मरीजों को सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या

Share your love

जिला अस्पताल नोएडा के डॉक्टरों की चेतावनी — समय पर इलाज न होने पर अर्ध लकवा का खतरा

नोएडा जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों में तेजी से सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस (गर्दन की हड्डियों से जुड़ी बीमारी) के मामले बढ़ रहे हैं। अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, रोजाना होने वाली ओपीडी में लगभग 70 प्रतिशत मरीज ऐसे हैं जिन्हें गलत बैठने और लगातार मोबाइल या कंप्यूटर पर झुककर काम करने के कारण यह समस्या हो रही है। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह बीमारी अर्ध लकवा (पैरालिसिस) जैसी गंभीर स्थिति में बदल सकती है।

युवा और महिलाएं अधिक आ रहे चपेट में

फिजिशियन डॉ. अभिनव ने बताया कि रोजाना अस्पताल में 100 से ज्यादा मरीज ओपीडी में आते हैं, जिनमें से 60-65 मरीजों को गर्दन, कंधे या पीठ में दर्द की शिकायत रहती है। पहले यह बीमारी बुजुर्गों में देखी जाती थी, लेकिन अब 20 से 40 साल के युवा और महिलाएं बड़ी संख्या में इसकी चपेट में आ रहे हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि जो लोग ऑफिस में लंबे समय तक कंप्यूटर के सामने बैठते हैं या घर पर मोबाइल फोन पर झुककर काम करते हैं, उनमें यह समस्या तेजी से बढ़ रही है।

क्या है सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस?

सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस एक हड्डी और नसों से जुड़ी बीमारी है, जिसमें गर्दन की हड्डियों के बीच की डिस्क घिसने या दबने लगती है। इससे गर्दन में अकड़न, कंधों में दर्द, चक्कर आना, हाथों में सुन्नपन या कमजोरी जैसी समस्याएं होती हैं।
जिला अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञों के अनुसार, अगर शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज किया जाए, तो यह धीरे-धीरे नसों पर दबाव डालता है, जिससे शरीर का एक हिस्सा निष्क्रिय या लकवाग्रस्त हो सकता है।

महिलाओं में मामले अधिक

अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक, सर्वाइकल के मामलों में महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक है। डॉक्टरों का कहना है कि महिलाएं घर और ऑफिस दोनों जगह लगातार काम करती हैं, लेकिन अपने पोस्चर (बैठने की स्थिति) पर ध्यान नहीं देतीं।
झुककर सिलाई-बुनाई करना, मोबाइल स्क्रॉल करना या लंबे समय तक रसोई में काम करते समय सिर नीचे रखना गर्दन की मांसपेशियों पर दबाव डालता है, जिससे सर्वाइकल की समस्या तेजी से बढ़ रही है।

डॉक्टरों की सलाह

डॉक्टरों ने लोगों को आगाह किया है कि लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठने या झुककर काम करने से बचें।

हर 30 मिनट बाद पोस्चर बदलें और हल्की स्ट्रेचिंग करें।

तकिए की ऊंचाई संतुलित रखें, ताकि सोते समय गर्दन सीधी रहे।

मोबाइल या लैपटॉप का प्रयोग करते समय स्क्रीन को आंखों की सीध में रखें।

हल्की फिजियोथेरेपी और नियमित व्यायाम से शुरुआती अवस्था में बीमारी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Home
News
Videos
Audios
Work With Us