युवराज मौत मामला: 100 से अधिक लोगों से पूछताछ, SIT की रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
100 से अधिक लोगों के बयान दर्ज, हर पहलू की गहन पड़ताल
सेक्टर-150 की घटना को लेकर गठित विशेष जांच टीम (SIT) की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। SIT की फाइल में अब तक 100 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। सूत्रों के अनुसार टीम ने घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच की है और सभी संबंधित विभागों से जवाब-तलब किया गया है। जांच के पांच दिन पूरे होने के बाद आज SIT अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप सकती है। हालांकि, जरूरत पड़ने पर जांच की अवधि बढ़ाने की भी संभावना जताई जा रही है।
तीसरी बार नोएडा पहुंची SIT, देर रात तक चली पूछताछ
शुक्रवार को SIT की टीम तीसरी बार नोएडा पहुंची। दोपहर करीब डेढ़ बजे नोएडा अथॉरिटी के बोर्ड रूम में बैठक शुरू हुई, जो रात नौ बजे के बाद तक चली। इस दौरान SIT की टीम अथॉरिटी कार्यालय में ही मौजूद रही और सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए। जांच के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया गया।
प्रशासन, पुलिस और प्राधिकरण से सख्त सवाल
SIT ने जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर के अलावा SDRF, फायर विभाग, सिविल और एनटीसी विभाग के जेई, मैनेजर और एसएम समेत कई अधिकारियों से गहन पूछताछ की। अधिकारियों से यह पूछा गया कि उन्हें घटना की सूचना किस समय मिली और उसके बाद उन्होंने क्या-क्या कदम उठाए। साथ ही यह भी जानने का प्रयास किया गया कि घटनास्थल पर पहुंचने के बाद राहत और बचाव कार्यों में कहां-कहां चूक हुई।
युवराज को बचाने के प्रयासों पर भी उठे सवाल
SIT ने SDRF और फायर विभाग से स्पष्ट तौर पर पूछा कि मौके पर पहुंचने के बाद युवराज की जान बचाने के लिए कौन-कौन से उपाय किए गए। इन प्रयासों में कहां कमी रह गई, जिससे एक कीमती जान चली गई—इस पर भी विस्तार से जवाब मांगा गया। पुलिस अधिकारियों से भी सवाल किए गए कि कुछ दिन पहले हुए ट्रक हादसे के बाद सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए थे और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर क्यों नहीं पहुंचे।
अधिकारियों में दहशत, दफ्तर में सन्नाटा
शुक्रवार को जांच के चलते नोएडा अथॉरिटी के दफ्तर में भय और तनाव का माहौल देखा गया। स्टाफ के बीच बेचैनी साफ नजर आई। पब्लिक की एंट्री भी बेहद कम रही और कार्यालय के गेट बंद रखे गए। SIT के सख्त रुख से पुलिस, प्रशासन और प्राधिकरण—तीनों ही विभागों में खलबली मची हुई है।
रिपोर्ट के बाद बड़े एक्शन की संभावना
SIT की रिपोर्ट शासन को सौंपे जाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रुख को देखते हुए कई स्तरों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। जिन अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज हुए हैं, उनमें एनटीसी विभाग के बर्खास्त जेई नवीन कुमार, तैनात एसएम विश्वास त्यागी, सिविल विभाग के प्रवीन सलोनिया, प्रबंधक अरविंद सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। रिपोर्ट सामने आने के बाद पूरे मामले में बड़े फैसलों की उम्मीद की जा रही है