पुलिसकर्मियों से बदसलूकी के आरोप में यूट्यूबर श्याम मीर सिंह, साथी संग हिरासत में
- यूट्यूब पर 17 लाख सब्सक्राइबर और इंस्टाग्राम पर 3.16 लाख फॉलोअर्स
Mediawali news
नोएडा की सड़कों पर बिना अनुमति सड़क पर विडियो बनाने और विरोध करने पर पुलिसकर्मियों से बदसलूकी करने के आरोप में फेमस यूटयूबर श्याम मीरा सिंह और उनके साथी अभिषेक यादव को सेक्टर-58 थाने की पुलिस ने हिरासत में लिया है। सेक्टर छह स्थित डीसीपी दफ्तर में दोनों से पूछताछ की जा रही है। इसके बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करने की बात कह रही है। वहीं इस मामले में कई राजनेताओं ने एक्स पर पोस्ट कर सरकार पर निशाना शाधा है। यह देश और राज्य में वर्तमान की सरकार पर सवाल करते हैं।
उनके यूट्यूब पर 17 लाख सब्सक्राइबर और इंस्टाग्राम पर 3.16 लाख फॉलोअर्स और एक्स पर 3.60 लाख, फेसबुक पर 1.60 लाख फॉलोअर्स हैं। वहीं बताया जा रहा है कि वह नोएडा में गैस किल्लत को लेकर विडियो बनाने के लिए आए थे। लाइन में खड़ी भीड़ से सवाल के दौरान पुलिस पहुंची थी। रोड पर विडियो बनाने के विरोध में उन्होंने पुलिस के साथ में बदसलूकी की। इसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया।
जानकारी के मुताबिक बुधवार दोपहर श्याम मीरा सिंह अपनी टीम के साथ आईनाइजर बिल्डिंग के पास आम लोगों से बातचीत रिकॉर्ड कर रहे थे। यह एक तरह का स्ट्रीट इंटरव्यू था, जिसमें राह चलते लोगों से सवाल-जवाब किए जा रहे थे। इसी दौरान वहां लोगों की भीड़ जुटने लगी। देखते ही देखते मौके पर काफी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए, जिससे सेक्टर-60 के आसपास यातायात बाधित होने लगा। आरोप है कि मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने जब स्थिति को संभालने के लिए श्याम और उनकी टीम को शूटिंग रोकने के लिए कहा, तो उन्होंने सहयोग करने के बजाय पुलिस से बहस शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि इस दौरान श्याम मीरा सिंह और उनके सहयोगियों ने पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी भी की। इसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया और थाने लेकर आ गए। श्याम मीरा सिंह एक युवा यूट्यूबर और स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर जाने जाते हैं।
वो मुख्य रूप से सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर विडियो बनाते हैं। उनके यूट्यूब चैनल पर आम लोगों की राय, जमीनी मुद्दे और समसामयिक विषयों पर इंटरव्यू आधारित कंटेंट देखने को मिलता है। श्याम मीरा सिंह का नाम इससे पहले भी कई विवादों से जुड़ चुका है।
उनके कुछ विडियो सोशल मीडिया पर तीखी बहस का कारण बने, जिनमें उन्होंने संवेदनशील सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर लोगों से सवाल पूछे थे। कई बार उनके इंटरव्यू के तरीके और सवालों को लेकर आलोचना भी हुई है। नोएडा पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर भीड़ इकट्ठा कर यातायात बाधित करना और पुलिस के निर्देशों का पालन न करना कानून का उल्लंघन है। साथ ही, पुलिसकर्मियों से अभद्रता करने के आरोप भी गंभीर हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।