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उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर फेरबदल का दौर लगातार जारी है। इसी क्रम में बुधवार को राज्य सरकार ने तीन आईएएस अधिकारियों के तबादले करते हुए उनके दायित्वों में बदलाव किया। इस बदलाव में 2019 बैच की आईएएस अधिकारी लक्ष्मी एन को अतिरिक्त जिम्मेदारी देकर उनके प्रशासनिक कद को और मजबूत किया गया है।
सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, लक्ष्मी एन को उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद का मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वर्तमान में वह मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण में उपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। अब उन्हें अपने मौजूदा दायित्वों के साथ-साथ ब्रज क्षेत्र के धार्मिक और पर्यटन विकास की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी निभानी होगी। ब्रज क्षेत्र देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख केंद्र माना जाता है, ऐसे में यह पद काफी अहम माना जा रहा है।
लक्ष्मी एन मूल रूप से कर्नाटक की रहने वाली हैं और उन्हें एक कुशल व सक्रिय प्रशासनिक अधिकारी के रूप में जाना जाता है। उन्होंने विश्वेश्वरैया प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, बेलगाम से सूचना विज्ञान में बीई की डिग्री हासिल की है। अपने प्रशासनिक करियर में वह आगरा और कानपुर नगर में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के रूप में सेवाएं दे चुकी हैं। इसके अलावा, कानपुर देहात में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के पद पर भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण में उपाध्यक्ष रहते हुए उन्होंने कई विकास कार्यों को गति दी है।
वहीं, अन्य अधिकारियों के दायित्वों में भी बदलाव किया गया है। आईएएस संतोष कुमार को सहारनपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद से हटाकर उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का कार्यकारी निदेशक बनाया गया है। दूसरी ओर, सूरज पटेल को ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ पद से हटाकर सहारनपुर विकास प्राधिकरण का नया उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी राज्य सरकार प्रशासनिक फेरबदल कर चुकी है। बीते शुक्रवार को सात आईएएस अधिकारियों का तबादला किया गया था। उस दौरान प्रकाश बिंदु को गृह विभाग में सचिव के पद पर भेजा गया था, जबकि लोकेश एम को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में सचिव बनाया गया। महेंद्र प्रसाद को पुनर्गठन समन्वय विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी दी गई थी। वहीं, नीना शर्मा को सार्वजनिक उद्यम विभाग का प्रमुख सचिव और महानिदेशक नियुक्त किया गया था, जबकि संजय कुमार को प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी का निदेशक बनाया गया था।
लगातार हो रहे इन तबादलों को प्रशासनिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।