शिवा दुलारे , कानपुर
कानपुर के बिधनू थाना क्षेत्र में ग्राम समाज की चारागाह भूमि पर लगे लाखों रुपये मूल्य के यूकेलिप्टस के पेड़ों की कथित अवैध कटान और बिक्री का मामला सामने आया है। राजस्व विभाग की शिकायत पर पुलिस ने पिता-पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मौके से काटी गई लकड़ी को भी अपने कब्जे में ले लिया है। वहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा और पेड़ों की कटान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ग्राम समाज की भूमि से काटे गए यूकेलिप्टस के पेड़
मामला बिधनू थाना क्षेत्र के जादवपुर गांव का है। राजस्व लेखपाल आदित्य पांडेय द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार ग्राम समाज की चारागाह भूमि, जो आराजी संख्या 86 मि. 1.6000 एवं 86 मि. 4490, खाता संख्या 126 में दर्ज है, उस पर लगभग 0.3200 हेक्टेयर क्षेत्र में बड़ी संख्या में यूकेलिप्टस के पेड़ लगे हुए थे। आरोप है कि गांव निवासी बदलू (स्वर्गीय महावीर पाल) तथा उनके पुत्र दीपू पाल ने बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के इन पेड़ों की कटान कर उन्हें कानपुर देहात के गजनेर क्षेत्र के एक ठेकेदार को बेच दिया। इस अवैध बिक्री से ग्राम समाज की संपत्ति को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचने का आरोप लगाया गया है।
ग्रामीणों की सूचना पर खुला मामला
ग्रामीणों ने जब चारागाह की भूमि पर पेड़ों की कटाई होते देखी तो इसकी सूचना राजस्व विभाग को दी। शिकायत मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। जांच के दौरान पाया गया कि चारागाह की जमीन से अधिकांश यूकेलिप्टस के पेड़ काटे जा चुके थे। प्राथमिक जांच में सामने आया कि ग्राम समाज की लगभग एक से डेढ़ बीघा भूमि पर लगे पेड़ों की अवैध कटान की गई है। इसके बाद पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई।
नायब तहसीलदार ने किया मौके का निरीक्षण
सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार राजेश तिवारी ने राजस्व टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान यह पुष्टि हुई कि ग्राम समाज की भूमि पर लगे पेड़ों को बिना किसी वैधानिक अनुमति के काटा गया है। प्रशासन ने इसे सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का गंभीर मामला मानते हुए तत्काल कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए।
पिता-पुत्र के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
लेखपाल आदित्य पांडेय की तहरीर के आधार पर बिधनू थाना पुलिस ने आरोपी बदलू और उनके पुत्र दीपू पाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) और 324(4) के साथ-साथ सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 की धारा 3 एवं 4 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मौके से बरामद काटी गई लकड़ी को जब्त कर लिया है, ताकि उसे साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखा जा सके।
ठेकेदार की भूमिका भी जांच के दायरे में
पुलिस ने मामले की जांच उपनिरीक्षक अंकित सिंह को सौंपी है। जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि पेड़ों की अवैध कटान और बिक्री में केवल पिता-पुत्र की भूमिका थी या इसमें संबंधित ठेकेदार अथवा अन्य लोगों की भी संलिप्तता है। यदि जांच में अन्य व्यक्तियों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी विधिक कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग करेगा नुकसान का आकलन
नायब तहसीलदार राजेश तिवारी ने बताया कि सरकारी भूमि पर लगे पेड़ों की अवैध कटान गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में वन विभाग से भी नुकसान का मूल्यांकन कराया जाएगा, ताकि ग्राम समाज को हुए आर्थिक नुकसान का सही आकलन हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है तथा दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
ग्रामीणों ने उठाई निगरानी बढ़ाने की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ग्राम समाज की चारागाह भूमि और अन्य सार्वजनिक जमीनों पर नियमित निगरानी रखी जाए। उनका कहना है कि कई स्थानों पर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और पेड़ों की कटान की शिकायतें सामने आती रहती हैं, लेकिन समय पर कार्रवाई न होने से ऐसे मामलों को बढ़ावा मिलता है। ग्रामीणों ने मांग की कि राजस्व, वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम समय-समय पर निरीक्षण करे, ताकि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
सरकारी संपत्ति की सुरक्षा पर प्रशासन का जोर
जिला प्रशासन का कहना है कि ग्राम समाज की भूमि और उस पर मौजूद प्राकृतिक संसाधन सार्वजनिक संपत्ति हैं, जिनकी सुरक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी सरकारी जमीनों पर अवैध कटान, कब्जा या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।