धार्मिक दान के लिए कमाई बढ़ाने का सपना दिखाकर 83 वर्षीय बुजुर्ग से 50 लाख की साइबर ठगी
सोशल मीडिया विज्ञापन से शुरू हुआ निवेश, बद्रीनाथ यात्रा में खुली पोल
ग्रेटर नोएडा सेक्टर 3 में रहने वाले एक 83 साल बुजुर्ग सोशल मीडिया पर विज्ञापन देखकर बिटकॉइन फॉरेक्स ट्रेडिंग शुरू किए और उनके साथ 50 लाख रुपये की चपत लग गई। पीड़ित को वॉट्सऐप ग्रुप जोड़कर ठगों ने उनके बारे में जानकारी ली। उन्होंने अपने रुपये निवेश कर मुनाफे की रकम धार्मिक संगठन को डोनेट करने की इच्छा जताई। इसके बाद पीड़ित को ओएसएल प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन कराने के बाद रकम निवेश कराने की शुरू कर दी। वह परिवार के साथ अपने परिवार के साथ बद्रीनाथ धाम की यात्रा पर गए हुए थे। वह म्यूचुअल फंड पर 10 लाख रुपये का लोन लेकर ठगों को ट्रांसफर किए तो घर वालों की जानकारी हुई। इसके बाद उन्हें ठगी के बारे में बताया गया। पीड़ित ने साइबर थाने में केस दर्ज करा दिया है। पुलिस मामले में जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को ग्रेटर नोएडा सेक्टर 3 नॉलेज पार्क में रहने वाले शैलेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि उनकी उम्र 83 साल है। वह प्राइवेट कंपनी नौकरी कर रिटायर्ड होने के बाद ग्रेटर नोएडा वाले घर पर अकेले रहते हैं। मूल निवासी गुड़गांव, जहां परिवार रहता हैं। पीड़ित के मोबाइल नंबर पर 1 अगस्त को एक अनजान नंबर से कॉल आई। पीड़ित से बातचीत करने के बाद ठग बुजुर्ग से बैंक खाते में रुपये और घूमने, फिरने के साथ अन्य रूचियों के बार में जानकारी ले ली। इसी दौरान बुजुर्ग के ठगों ने कहा कि वह अपने रुपये निवेश कर बाकी के रुपये धार्मिक संगठन और धार्मिक यात्राओं पर खर्च कर सकते हैं। झांसे में लेने के बाद ओएसएल प्लेटफ़ॉर्म ऐप डाउनलोड कराया गया और फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग में रकम निवेश कराने शुरू करवाई गई। जिसमें पहले पीड़ित ने 50 डॉलर यूएसडी के माध्यम बिटकॉइन में निवेश कर दिया।
ठगों ने 13 अगस्त को बदले में मुनाफे की रकम 4 हजार 900 रुपये बुजुर्ग के खाते में ट्रांसफर कर दिए। उन्हें विश्वास हो गया। अगली बार उन्होंने 7 बार में 20 लाख से अधिक रुपये निवेश कर दिए और 17 से अधिक बार में 40 लाख 50 हजार रुपये ठगों के खातों में ट्रांसफर कर दिए। निवेश की रकम ऐप में बढ़ते हुए दिखाई दे रही थी। इसलिए वह शांत थे। बुजुर्ग अक्टूबर महीने में परिवार के लोग बद्रीनाथ धाम यात्रा पर गए हुए थे। तभी ठगों ने उनसे वॉट्सऐप पर संपर्क किया और 10 लाख रुपये निवेश करने के लिए बोला। पीड़ित के पास रुपये नहीं थे तो उन्होंने वह म्यूचुअल फंड पर 10 लाख रुपये का लोन लेकर ठगों को दे दिए। यह बात उनके घर वालों के पता चली तो वे लोग पीड़ित से रुपये के बारे में पूछने लगे। उन्होंने सारी घटना बताई तो परिवारों ने बताया कि उनके साथ साइबर ठगी हो गई है। इसके बाद पीड़ित साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। मामले में साइबर थाने की पुलिस केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहले किया ब्रेनवॉश, फिर निवेश कराने शुरू कराई रकम, बेटी ने छुड़ाया
पीड़ित को ठगों ने कॉल कर उन्हें भविष्य में फाइनेशियल सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। बोले कि इतने रुपये में बाकी का जीवन नहीं चल पाएगा। वहीं रुपये निवेश कर घर बैठे रुपये कमा सकेंगे। आरोपी पीड़ित को ओएसएल वॉट्सऐप ग्रुप पर रोजाना उन्हें स्क्रीन शॉट भेजकर रकम बढ़ने की जानकारी देते रहते थे। पीड़ित ने घटना की जानकारी अपनी बेटी को बताई थी। इसके बाद उन्होंने ही ठगों के जाल से छुड़ाया।