बस की खराब लाइट, इंडिकेटर और लापता महिला की सूचना ने खोला हत्या का राज, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा
26 थानों की पुलिस गांव, सेक्टर और सोसायटियों में जुटा रही थी, जानकारी
सेक्टर 108 घटनास्थल पर एक पेट्रोल पंप है। जिस पर एक ही कैमरे लगे हुए हैं। जिसमें बस लाइट बंदकर और बायां इंडिकेटर देते हुए दाहिने तरफ डिवाइडर से सटकर जाते हुए दिखाई देती है। पुलिस को इस बस पहले ही शक गहरा गया था लेकिन नंबर प्लेट जांच के बाद पता चला कि वह एक सत्संग संगठन के नाम पर रजिस्टर्ड है। इस वजह से पुलिस ने बस पर अधिक ध्यान नहीं दी और मामले में संदिग्ध 44 वाहन चालकों से पूछताछ की जा रही थी। मामले में शहर के और सीसीटीवी खंगाले जा रहे थे। तभी कई कैमरों में उसी दिन यह बस लाइट बंदकर गुजरती हुई नजर आती है। साथ ही चालक लाइट बंद कर गाजियाबाद के लिए निकला था। बस का नंबर प्लेट हाजीपुर चौहारे के पास एक बार कैमरे में कैप्चर हुआ। फिर पुलिस चालक के बारे में निकाला शुरू की और उस तक पहुंच गई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस टीम बरौला गांव में पहुंची तो चालक घर पर नहीं मिला। वहीं पुलिस टीम को एक व्यक्ति ने जानकारी दी कि बरौला गांव में एक महिला अपने बच्चों के साथ रहती थी, जोकि 5-6 दिन से लापता है। उसके तीनों बच्चे मोनू सोलंकी के घर पर रहते हैं। साथ ही उस महिला और मोनू में कुछ दिनों के अंदर से झगड़े हुए थे। दोनों पड़ोसी थे। इस वजह से यह बात लोगों को पता थी। अब पुलिस का शक हकीकत में बदल गया और आरोपी की तलाश तेज कर दी। टीम गांव में ही थी, तभी शुक्रवार को घर वालों से मिलने के लिए मोनू आया तो पुलिस उसे हिरासत में लेकर थाने ले आई। फिस उसने हत्या करने की वजह और पूरी घटना बताई। साथ ही घटनास्थल पर जाकर शव फेंकने वाले स्थान को भी दिखाया है।
बिछुआ की फोटो ही पहचान में आई
आरोपी ने हत्या करने के बाद महिला के शरीर, गले, कमर से सारे सबूत मिटा दिए थे। साथ ही चप्पल भी नहीं छोड़ा था। लेकिन वह पैर का बिछुआ निकालना भूल गया। पुलिस ने वही फोटो महिला के तीनों बच्चों को दिखाई। महिला की एक बेटा 13 साल का है। वह बिछुए से अपनी मां को पहचान गया है। इसके बाद बच्चों ने पुलिस को बताया कि उसके पिता का नाम जयकिशन है। वह भी जनपद एटा के रहने वाले हैं। लेकिन उसके पिता 2 साल से अलग रहते हैं। हालांकि पुलिस ने बच्चों को उनके रिश्तेदारों के पास सौंप दिया है।
कांलिदी कुंज, चिल्ला बॉर्डर और घटनास्थल से गुजरने वाले वाहनों का किया था, मैच
पुलिस ने एक टीम शहर के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे जांच करने के लिए लगाई हुई थी। जिसमें घटनास्थल से गुजरने वाले वाहनों को शहर के अन्य सीसीटीवी कैमरों में देखने के बाद उनकी जानकारी जुटाई जा रही थी। जिसमें कांलिदी कुंज, चिल्ला बॉर्डर के कैमरे में कैप्चर वाहन घटनास्थल के पास लगे कैमरे में कैप्चर हुए थे। उसमें 44 वाहनों को संदिग्ध में चिन्हिंत कर लिया था। इसी दौरान एक सुडान कार घटनास्थल से टाइटबंद कर गुजरी थी, पुलिस उसे दिल्ली से पकड़कर लाई। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने दोस्त के साथ नोएडा आया था। वे लोग वहां पर शराब पीने के बाद नशे में कार का लाइट बंद कर आगे चले गए थे। हालांकि पुलिस उस कार चालक और उसके दोस्तों से पूछताछ जारी रखी थी। तभी मामले का खुलाशा हो गया।
26 थानों, तीनों डीपीसी को जिम्मेदारी और सीपी और अडिशनल सीपी कर रहे थे घटना में मॉनटरिंग
इस मामले में जनपद के सभी 26 थानों की पुलिस को गांव, सेक्टर और सोसायटियों में हालफिलहाल में गायब महिला की जानकारी जुटाने की जिम्मेरादी दी गई थी। जिसमें पुलिस टीम गांव और सेक्टरों में जाकर गुमशुदा महिलाएं के बारे में पता भी कर रहे थे। वहीं इस घटना का खुलासा होने तक पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह औ अडिशनल सीपी लॉ एंड ऑर्डर डॉ राजीव नारायण मिश्रा मॉनटरिंग कर रहे थे। साथ ही मामले में दिल्ली और अन्य जिलों के पुलिस से मदद ली जा रही थी। पुलिस अब तक जनपद के बाहर 100 थानों से अधिक में वेरिफिकेशन करा चुकी थी। वहीं आरोपी नोएडा में निकला।