सरकार का नया आदेश: सभी स्मार्टफोन में अब अनिवार्य होगा ‘Sanchar Saathi’ ऐप
नए स्मार्टफोन्स में अनइंस्टॉल न होने वाला ‘Sanchar Saathi’ ऐप अनिवार्य**
सभी मोबाइल कंपनियों को DoT का निर्देश
केंद्र सरकार ने साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा सभी स्मार्टफोन कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे अपने नए मोबाइल फोनों में ‘Sanchar Saathi’ ऐप को प्री-इंस्टॉल करके बेचें।
महत्वपूर्ण बात यह है कि यह ऐप यूज़र द्वारा हटाया नहीं जा सकेगा।
इसके अलावा, जो फोन पहले ही बाजार में बिक चुके हैं, उनमें भी यह ऐप सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए जोड़ा जाएगा। यह आदेश Apple, Samsung, Xiaomi, Oppo, Vivo सहित सभी बड़ी कंपनियों पर लागू होगा।
उद्योग जगत में विरोध की तैयारी, कंपनियों को 3 महीने की डेडलाइन
मोबाइल उद्योग इस फैसले का विरोध करने की तैयारी में है, क्योंकि यह ऐप अनइंस्टॉल न होने की शर्त कंपनियों के सॉफ़्टवेयर स्ट्रक्चर को प्रभावित कर सकती है।
हालाँकि सरकार ने सभी कंपनियों को इसे लागू करने के लिए तीन महीने का समय दिया है।
क्या है ‘Sanchar Saathi’ ऐप?
सरकार द्वारा विकसित ‘Sanchar Saathi’ एक महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा टूल है, जिसे जनवरी 2025 में लॉन्च किया गया था।
इसकी प्रमुख खूबियाँ:
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चोरी या खोए हुए मोबाइल को ब्लॉक और ट्रैक करने की सुविधा
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IMEI के आधार पर फोन लोकेशन ट्रैकिंग
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पुलिस जांच में सहायक
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फर्जी कॉल, मैसेज और ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायत दर्ज करने की सुविधा
सरकारी डेटा के अनुसार:
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50 लाख+ डाउनलोड
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37 लाख+ मोबाइल फोन ब्लॉक
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22 लाख+ डिवाइस ट्रेस
यह संख्या ऐप की उपयोगिता और सफलता को दर्शाती है।
WhatsApp, Telegram, Signal पर भी नए सुरक्षा नियम लागू
सरकार के इन साइबर सुरक्षा आदेशों के साथ मैसेजिंग ऐप्स पर नए नियम भी लागू हुए हैं।
DoT के निर्देशों के अनुसार:
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अब WhatsApp, Telegram, Signal उसी SIM पर चलेंगे, जिससे नंबर रजिस्टर किया गया है।
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WhatsApp Web जैसे फीचर हर 6 घंटे में ऑटो-लॉगआउट होंगे।
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ऐप्स को उपयोगकर्ता पहचान की पुष्टि के लिए IMSI नंबर का उपयोग करना होगा।
यह नियम मैसेजिंग एप्लिकेशंस को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए लागू किए गए हैं।
डिजिटल सुरक्षा और ऑनलाइन फ्रॉड पर लगाम
सरकार का कहना है कि ये बदलाव देश में डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करेंगे और फर्जी कॉल, ऑनलाइन धोखाधड़ी, और मोबाइल चोरी जैसे अपराधों पर रोक लगाने में मदद करेंगे।
अधिकारियों का दावा है कि यह रणनीति साइबर अपराधों पर कड़ा प्रहार करेगी और नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा को नए स्तर तक ले जाएगी।