सलाम नमस्ते में टीबी दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम
Mediawali news, नोएडा
IMS Noida के सामुदायिक रेडियो “सलाम नमस्ते” में World Tuberculosis Day के अवसर पर टीबी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम SMART संस्था के संयुक्त तत्वावधान में “सेहत सही, लाभ कई” स्वास्थ्य श्रृंखला के अंतर्गत आयोजित किया गया। इस दौरान “टीबी मुक्त भारत में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका” विषय पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने युवाओं की भूमिका पर विशेष जोर दिया और कहा कि टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए विद्यार्थियों और शैक्षणिक संस्थानों की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है। युवाओं को न केवल स्वयं जागरूक होना चाहिए, बल्कि अपने परिवार, मित्रों और समाज में भी टीबी के प्रति सही जानकारी फैलानी चाहिए।
इस अवसर पर संदेश देते हुए डॉ. श्वेता खुराना ने लोगों को टीबी के प्रति जागरूक रहने और इसके उन्मूलन में सहयोग देने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से तंबाकू सेवन के खतरों को रेखांकित करते हुए कहा कि तंबाकू टीबी के इलाज को जटिल बना देता है और मरीज की स्थिति को और गंभीर कर सकता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे “टीबी मुक्त भारत” अभियान के तहत सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता फैलाएं, स्वयंसेवक के रूप में आगे आएं और टीबी मरीजों की सहायता करें।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए सलाम नमस्ते की स्टेशन हेड बर्षा छबारिया ने बताया कि इस आयोजन में जिला तंबाकू मुक्त संस्थान से जुड़े शिक्षक, प्राचार्य और निक्षय मित्रों ने भाग लिया। वक्ताओं ने तंबाकू के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह न केवल फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि टीबी जैसी गंभीर बीमारियों के जोखिम को भी बढ़ाता है। इसलिए सभी को तंबाकू से दूर रहने का संकल्प लेना चाहिए और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करना चाहिए।
कार्यक्रम में जवाहर इंटर कॉलेज से रचना गुप्ता, मानव रचना स्कूल के कोऑर्डिनेटर अभय कुमार, निक्षय मित्र वरुण सिंह पुंडीर तथा बायोलॉजी शिक्षक शेखर श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अंत में “सेहत सही लाभ कई” हेल्थ क्लब की ओर से स्वास्थ्य जागरूकता में विशेष योगदान देने वाले युवाओं और अतिथियों को “सेहत मित्र” प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इसे जड़ से खत्म करने के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना रहा।