नोएडा में प्रदर्शन के बीच चर्चा में मदरसन सूमी
Mediawali news, Noida
नोएडा में मजदूरों के विरोध प्रदर्शन के बीच Motherson Sumi Systems Limited (संवर्धन मदरसन ग्रुप) एक बार फिर सुर्खियों में है। कंपनी के कर्मचारी वेतन बढ़ोतरी और बेहतर सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस विरोध की आंच अब आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों तक फैलती नजर आ रही है।
कौन हैं कंपनी के मालिक?
इस कंपनी के मालिक और चेयरमैन विवेक चांद सहगल हैं, जो भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई अरबपति के रूप में जाने जाते हैं। ऑटो कंपोनेंट इंडस्ट्री में उनका नाम काफी सम्मान के साथ लिया जाता है। उनका जन्म 1 फरवरी 1957 को दिल्ली में हुआ था। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई पिलानी के बिरला पब्लिक स्कूल से की और बाद में दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल की।
मां के साथ शुरू किया बिजनेस
विवेक चांद सहगल ने 1975 में अपनी मां के साथ मिलकर संवर्धन मदरसन ग्रुप की नींव रखी। शुरुआत में कंपनी चांदी के व्यापार से जुड़ी थी, लेकिन बाद में ऑटो कंपोनेंट्स के निर्माण में उतर गई।एक प्रतिस्पर्धी कंपनी के दिवालिया होने के बाद इस क्षेत्र में अवसर मिला और सहगल ने इसे भुनाया। उन्होंने जापान की Sumitomo Electric Industries के साथ साझेदारी की, जिससे कंपनी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। सिर्फ 12 वर्षों में उन्होंने 11 कंपनियों का अधिग्रहण कर ग्रुप को तेजी से विस्तार दिया।
वैश्विक स्तर पर फैला कारोबार
आज संवर्धन मदरसन ग्रुप एक वैश्विक ऑटो पार्ट्स निर्माता बन चुका है। कंपनी का संचालन 41 देशों में फैला हुआ है और इसमें 1,30,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। यह कंपनी दुनिया की कई बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों को पुर्जे सप्लाई करती है, जिनमें Ford Motor Company, General Motors और Volkswagen Group शामिल हैं।
कितनी है नेटवर्थ?
फोर्ब्स के अनुसार, 14 अप्रैल 2026 तक विवेक चांद सहगल की रियल टाइम नेटवर्थ करीब 6.6 अरब डॉलर (लगभग ₹61,472 करोड़) है। उनकी यह संपत्ति उन्हें भारत के प्रमुख उद्योगपतियों में शामिल करती है। उनकी नेतृत्व क्षमता और व्यावसायिक दृष्टिकोण के कारण ही कंपनी ने वैश्विक स्तर पर इतनी बड़ी सफलता हासिल की है।
पुरस्कार और सम्मान
ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में उनके योगदान के लिए उन्हें कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। वर्ष 2016 में उन्हें ‘EY एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर’ अवॉर्ड (इंडिया) से नवाजा गया था।
वर्तमान स्थिति और चुनौतियां
हालांकि, मौजूदा समय में कंपनी मजदूरों के विरोध प्रदर्शन के कारण चर्चा में है। ऐसे में प्रबंधन के सामने एक बड़ी चुनौती है—कर्मचारियों की मांगों और औद्योगिक संतुलन के बीच सही समाधान निकालना। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी इस स्थिति को कैसे संभालती है और औद्योगिक शांति बहाल करने के लिए क्या कदम उठाती है।