कानपुर नगर: सर्किल दरों में आंशिक संशोधन, 23 जनवरी 2026 से नई दरें लागू
सर्किल दरों का पुनरीक्षण क्या है?
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) विवेक चतुर्वेदी ने जानकारी दी है कि उत्तर प्रदेश स्टाम्प (सम्पत्ति का मूल्यांकन) नियमावली, 1997 के तहत जनपद कानपुर नगर में जमीन और भवनों की सर्किल दरों का पुनरीक्षण किया गया है। यह प्रक्रिया नियमावली में किए गए संशोधनों (वर्ष 2013 और 2015) के अनुसार की गई है।
किन संपत्तियों की दरें तय की जाती हैं?
पुनरीक्षण के तहत निम्न प्रकार की संपत्तियों की सर्किल दरें तय की जाती हैं—
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कृषि भूमि और अकृषि भूमि
- गैर-वाणिज्यिक (आवासीय) भवन
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एकल दुकानें और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान
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दुकानों और व्यावसायिक भवनों की भूमि एवं निर्माण क्षेत्र
इनकी दरें प्रति हेक्टेयर या प्रति वर्ग मीटर के आधार पर निर्धारित की जाती हैं।
पहले कब लागू हुई थीं सर्किल दरें?
जनपद के कलेक्टर द्वारा तय की गई नई सर्किल दरें 6 सितंबर 2025 से प्रभावी की गई थीं। इन्हीं दरों के आधार पर स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क लिया जा रहा था।
अब क्यों किया गया आंशिक संशोधन?
सर्किल दर लागू होने के बाद—
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अधिवक्ताओं के संगठनों
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जनप्रतिनिधियों
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आम नागरिकों
की ओर से कई आपत्तियां और सुझाव प्राप्त हुए। इन सभी सुझावों पर विचार करने के बाद, नियमों के अनुसार सर्किल दर सूची में आंशिक संशोधन किया गया है।
नई संशोधित दरें कब से लागू होंगी?
आंशिक रूप से संशोधित सर्किल दरें 23 जनवरी 2026 से प्रभावी होंगी। इसके बाद संपत्ति की खरीद-बिक्री, रजिस्ट्री और स्टाम्प शुल्क इन्हीं नई दरों के अनुसार तय किया जाएगा।
नई सर्किल दरें कहां देखें?
जनता की सुविधा के लिए संशोधित सर्किल दर सूची को जनपद की एनआईसी (NIC) की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा, जहां कोई भी व्यक्ति आसानी से उसका अवलोकन कर सकेगा।
नागरिकों के लिए क्या जरूरी है?
जमीन या भवन की खरीद-बिक्री से पहले संबंधित क्षेत्र की नई सर्किल दरें जरूर जांच लें, ताकि रजिस्ट्री के समय किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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