जंग का असर: क्रूड 146 डॉलर पर, पेट्रोल-डीजल महंगे होने के आसार; दुनिया भर में गैस कीमतों में उछाल
Mediawali news
जंग से ग्लोबल एनर्जी मार्केट में उथल-पुथल
ईरान द्वारा खाड़ी देशों के एनर्जी ठिकानों पर हमलों के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला है। 19 मार्च को क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़कर 146 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं, जो हाल के समय का सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं यूरोप में गैस की कीमतें 30% तक बढ़ गई हैं। इस उथल-पुथल की वजह से पूरी दुनिया में एनर्जी सप्लाई पर असर पड़ा है, जिससे बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है।
भारत पर सीधा असर
भारत अपनी जरूरत का करीब 85% कच्चा तेल और 50% से ज्यादा गैस आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बदलाव का सीधा असर यहां पड़ता है।
संभावित असर:
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 10-15 रुपये तक बढ़ोतरी
LPG गैस सिलेंडर महंगे हो सकते हैं
सरकार पर सब्सिडी का दबाव बढ़ेगा
सरकार फिलहाल कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है, लेकिन अगर क्रूड की कीमतें इसी स्तर पर बनी रहती हैं, तो दाम बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है।
आम आदमी की जेब पर असर
कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने का असर सिर्फ ईंधन तक सीमित नहीं रहता।
डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ेगी
फल, सब्जी और अनाज महंगे हो सकते हैं
प्लास्टिक, पेंट और दवाइयों की कीमतों में भी इजाफा
कुल मिलाकर महंगाई बढ़ेगी और आम आदमी का बजट बिगड़ सकता है।
यूरोप और ब्रिटेन में गैस संकट
इस हमले का सबसे ज्यादा असर यूरोप में देखा गया है।
डच TTF गैस बेंचमार्क 30% तक उछलकर 70 यूरो पहुंचा
फिलहाल करीब 63 यूरो पर ट्रेड कर रहा है
ब्रिटेन में गैस की कीमतें 140% तक बढ़ गईं
यह बढ़ोतरी ऊर्जा संकट को और गहरा सकती है, खासकर उन देशों में जो आयात पर निर्भर हैं।
कीमतों में उछाल की बड़ी वजहें
इस तेजी के पीछे दो प्रमुख कारण हैं:
1. कतर का रास लफ्फान प्लांट बंद
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यह दुनिया का सबसे बड़ा LNG हब है
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ग्लोबल सप्लाई का करीब 20% यहीं से आता है
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हमले के बाद प्लांट बंद होने से सप्लाई प्रभावित
2. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर खतरा
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे अहम तेल मार्ग है।
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दुनिया के 20% पेट्रोलियम की सप्लाई यहीं से गुजरती है
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भारत का लगभग 50% तेल इसी रास्ते से आता है
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युद्ध के कारण टैंकरों की आवाजाही लगभग ठप
कच्चे तेल के प्रमुख बेंचमार्क
दुनिया में तेल की कीमत तीन प्रमुख बेंचमार्क से तय होती है:
ब्रेंट क्रूड: यूरोप का प्रमुख मानक, वैश्विक व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी पर आधारित
WTI (West Texas Intermediate): अमेरिका का मुख्य मानक
OPEC बास्केट: खाड़ी देशों के तेल का औसत मिश्रण
जंग के चलते बढ़ती तेल और गैस कीमतें वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बन रही हैं। भारत जैसे आयात-निर्भर देश में इसका असर सीधे महंगाई और आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। आने वाले हफ्तों में हालात और गंभीर हो सकते हैं, अगर सप्लाई चेन जल्द सामान्य नहीं होती।