Mediawali news
हफ्ते की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद खराब रही। सोमवार को ‘ब्लैक मंडे’ के रूप में बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। BSE Sensex 1600 अंकों से ज्यादा टूटकर करीब 72,920 पर पहुंच गया, जबकि Nifty 50 513 अंकों की गिरावट के साथ 22,600 के आसपास कारोबार करता नजर आया। बाजार में गिरावट व्यापक रही, जहां लगभग 2990 शेयर लाल निशान में रहे और केवल 592 शेयरों में तेजी दिखी।
कच्चे तेल की कीमतों का असर
बाजार में गिरावट का सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल रहा।
मुख्य बिंदु:
ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर
भारत जैसे आयातक देश पर बढ़ता दबाव
महंगाई और रुपये पर नकारात्मक असर
महंगा तेल निवेशकों की चिंता बढ़ाता है और बाजार में बिकवाली को बढ़ावा देता है।
विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं।
मुख्य आंकड़े:
मार्च में अब तक करीब ₹90,152 करोड़ की निकासी
हर दिन बिकवाली का ट्रेंड
निवेशकों का घटता भरोसा
इससे बाजार में दबाव और ज्यादा बढ़ गया है।
बढ़ता डर और अस्थिरता
बाजार में डर का माहौल भी साफ नजर आ रहा है।
इंडिया VIX करीब 15% बढ़कर 26 पर पहुंचा
वोलैटिलिटी में तेज उछाल
निवेशकों में अनिश्चितता
यह संकेत देता है कि बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
जियो-पॉलिटिकल तनाव का असर
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने भी बाजार को प्रभावित किया है। Iran द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की चेतावनी से वैश्विक तेल सप्लाई पर खतरा बढ़ गया है। इसके अलावा एशियाई बाजारों में भी 3% से ज्यादा गिरावट देखी गई, जिससे भारतीय बाजार पर दबाव बना।
निवेशकों के लिए संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं और भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होता, बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहकर सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।