दुबई एयरपोर्ट के पास ईरान का ड्रोन अटैक, 325 यात्रियों वाली Emirates फ्लाइट को लौटना पड़ा कोच्चि
Mediawali news
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच सोमवार तड़के दुबई एयरपोर्ट के पास ड्रोन हमला होने से हवाई यातायात प्रभावित हो गया। इस हमले के बाद कोच्चि से दुबई जा रही Emirates की फ्लाइट EK533 को बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ा। विमान में कुल 325 यात्री सवार थे।
दुबई एयरपोर्ट के पास ड्रोन हमला
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार Iran ने सोमवार सुबह Dubai International Airport के पास ड्रोन हमला किया। इस हमले के कारण एयरपोर्ट के नजदीक स्थित एक फ्यूल टैंक में आग लग गई।
सुरक्षा एजेंसियों और दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर आग पर जल्द ही काबू पा लिया, लेकिन एहतियात के तौर पर एयरपोर्ट संचालन कुछ समय के लिए रोकना पड़ा।
हमले से जुड़े मुख्य बिंदु:
दुबई एयरपोर्ट के पास ड्रोन अटैक की घटना
फ्यूल टैंक में लगी भीषण आग
सुरक्षा के चलते कुछ समय के लिए उड़ानें निलंबित
कई फ्लाइट्स को अन्य एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट किया गया
कोच्चि से रवाना हुई थी फ्लाइट EK533
यह फ्लाइट सुबह करीब 4:30 बजे Cochin International Airport से दुबई के लिए रवाना हुई थी।
लेकिन जैसे ही दुबई एयरपोर्ट पर अचानक संचालन बंद होने की सूचना मिली, एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने विमान को वापस लौटने का निर्देश दे दिया।
फ्लाइट से जुड़ी अहम जानकारी:
फ्लाइट नंबर: EK533
एयरलाइन: Emirates
यात्री: 325
रूट: कोच्चि से दुबई
दुबई एयरपोर्ट बंद होने के कारण वापस लौटना पड़ा
यात्रियों को विमान में ही रहने की सलाह
समाचार एजेंसी Press Trust of India के अनुसार एयरपोर्ट प्रवक्ता ने कहा कि दुबई में स्थिति की समीक्षा की जा रही है।
प्रवक्ता के मुताबिक:
यात्रियों को फिलहाल विमान में ही रहने की सलाह दी गई है।
स्थिति सामान्य होने के बाद उड़ानों का संचालन फिर से शुरू किया जा सकता है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव
मिडिल ईस्ट में इस समय तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। एक तरफ United States और Israel ईरान पर हमले कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान भी इजरायल और खाड़ी देशों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है। इस बढ़ते टकराव का असर क्षेत्रीय सुरक्षा और हवाई यातायात पर भी देखने को मिल रहा है। कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को डायवर्ट या अस्थायी रूप से रद्द करना पड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाओं और व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।