राज्यसभा चुनाव 2026: 37 सीटों के लिए वोटिंग जारी, शाम तक आएंगे नतीजे; कई सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने गए
Mediawali news
देश की 37 राज्यसभा सीटों के लिए सोमवार सुबह 9 बजे से मतदान शुरू हो गया है। वोटिंग शाम 4 बजे तक चलेगी, जिसके बाद शाम 5 बजे से मतगणना शुरू की जाएगी। उम्मीद है कि देर शाम तक सभी सीटों के नतीजे सामने आ जाएंगे और राज्यसभा की नई राजनीतिक तस्वीर साफ हो जाएगी।
यह चुनाव देश के 10 राज्यों की 37 सीटों के लिए कराया जा रहा है। हालांकि इनमें से कई सीटों पर मुकाबला पहले ही खत्म हो चुका है। सात राज्यों की कुल 26 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए हैं। ऐसे में असली मुकाबला अब सिर्फ तीन राज्यों—हरियाणा, बिहार और ओडिशा—की 11 सीटों पर हो रहा है। इन सीटों के लिए कुल 14 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनके बीच दिलचस्प मुकाबले की उम्मीद जताई जा रही है।
राज्यसभा चुनाव में विधायक मतदान करते हैं और वोटिंग सिंगल ट्रांसफरेबल वोट (Single Transferable Vote) प्रणाली से होती है। इसमें विधायक अपनी प्राथमिकता के आधार पर उम्मीदवारों को वोट देते हैं। इसी आधार पर सीटों का परिणाम तय होता है।
मौजूदा राजनीतिक स्थिति की बात करें तो 37 सीटों में से अभी तक 25 सीटें INDIA गठबंधन के पास मानी जा रही हैं, जबकि 12 सीटें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के खाते में हैं। हालांकि अंतिम नतीजों के बाद इन आंकड़ों में बदलाव हो सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव में NDA को कुछ सीटों का अतिरिक्त फायदा मिल सकता है, जिससे राज्यसभा में उसका प्रभाव और मजबूत हो सकता है।
इस चुनाव की एक खास बात यह भी है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहली बार राज्यसभा के सदस्य बनने जा रहे हैं। लंबे समय से राज्य की राजनीति में सक्रिय रहने के बावजूद वह अब तक लोकसभा या राज्यसभा के सदस्य नहीं रहे थे। ऐसे में उनका संसद के उच्च सदन में जाना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
वहीं महाराष्ट्र से वरिष्ठ नेता शरद पवार को राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुन लिया गया है। 84 वर्षीय पवार देश की राजनीति के सबसे अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। उनके फिर से संसद में पहुंचने को राष्ट्रीय राजनीति में उनकी सक्रियता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
राज्यसभा संसद का उच्च सदन है, जिसमें अधिकतम 250 सदस्य हो सकते हैं। इनमें से 238 सदस्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चुने जाते हैं, जबकि 12 सदस्यों को राष्ट्रपति कला, साहित्य, विज्ञान और सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में योगदान के आधार पर नामित करते हैं।
अब सभी की नजर मतगणना पर टिकी है। जैसे ही शाम को वोटों की गिनती शुरू होगी, यह साफ हो जाएगा कि किस गठबंधन को कितना फायदा हुआ है और राज्यसभा में राजनीतिक समीकरण किस दिशा में बदल सकते हैं।