NOIDA: गैस का बिल जमा कराने के नाम पर बुजुर्ग से 21 लाख रुपए ऐंठे
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ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले एक बुजुर्ग के साथ साइबर ठगों ने इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड का बिल जमा कराने के नाम पर 21 लाख रुपए की ठगी कर ली। दस से अधिक बार में ठगों ने विभिन्न बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में बिसरख निवासी 61 वर्षीय गुजीब कालरा ने बताया कि इसी माह एक मार्च को शाम करीब साढ़े चार बजे उनके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को आईजीएल कंपनी का कर्मचारी बताया और कहा कि उनका गैस बिल बकाया है। यदि तुरंत भुगतान नहीं किया गया तो गैस कनेक्शन बंद कर दिया जाएगा। फोन करने वाले ने पीड़ित के मोबाइल पर एक लिंक भेजा और कहा कि इस लिंक को खोलकर बिल का भुगतान कर दें। भरोसा करके शिकायतकर्ता ने लिंक खोलकर अपने निजी बैंक खाते की जानकारी और अन्य विवरण भर दिए। जैसे ही उन्होंने यह जानकारी भरी, साइबर ठगों ने बैंक खाते तक पहुंच बना ली। इसके बाद ठगों ने 11 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 21 लाख 26 हजार 835 रुपये निकाल लिए।
यह रकम विभिन्न बैंकों के क्रेडिट कार्ड भुगतान में ट्रांसफर कर दी गई। जब पीड़ित को बैंक खाते से पैसे निकलने की जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल और पुलिस से शिकायत की। इसके बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटाई जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।
ऐसे साइबर ठगी से कैसे बचें
पुलिस और साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की ठगी लगातार बढ़ रही है। लोग थोड़ी सावधानी बरतकर ऐसे अपराधों से बच सकते हैं। किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन पर भरोसा करके बैंक की जानकारी साझा न करें। मोबाइल पर आए किसी भी संदिग्ध लिंक को क्लिक न करें। बिजली, गैस या मोबाइल बिल के नाम पर आने वाले कॉल की पहले आधिकारिक वेबसाइट या कंपनी से पुष्टि करें। अपने बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी, एटीएम पिन या पासवर्ड किसी को न बताएं। अगर कोई व्यक्ति जल्दबाजी में भुगतान करने का दबाव बनाए तो तुरंत सतर्क हो जाएं।मोबाइल में एंटी वायरस और सुरक्षा ऐप का इस्तेमाल करें।
ठगी होने पर तुरंत यहां करें शिकायत
अगर किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो उसे तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करें। ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। नजदीकी साइबर क्राइम थाना या पुलिस स्टेशन में जाकर शिकायत दें। जितनी जल्दी शिकायत होगी, उतनी ही ज्यादा रकम वापस मिलने की संभावना रहती है।
नोएडा में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
. 15 फरवरी 2026: सेक्टर-62 निवासी एक व्यक्ति से केवाईसी अपडेट के नाम पर लिंक भेजकर करीब 8 लाख रुपये की ठगी की गई।
. 28 जनवरी 2026: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बिजली बिल जमा कराने के नाम पर साइबर ठगों ने एक महिला के खाते से करीब 3.5 लाख रुपये निकाल लिए।
. 12 दिसंबर 2025: सेक्टर-76 निवासी युवक से मोबाइल सिम बंद होने का झांसा देकर ओटीपी हासिल कर लगभग 6 लाख रुपये की ठगी की गई।
. 5 सितंबर 2025: सेक्टर-137 में बैंक अधिकारी बनकर कॉल करने वाले ठगों ने एक व्यक्ति के खाते से करीब 10 लाख रुपये निकाल लिए।
. 18 जुलाई 2025: ग्रेटर नोएडा के दादरी क्षेत्र में गैस कनेक्शन अपडेट के नाम पर एक बुजुर्ग से करीब 2 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई।
सतर्कता ही है बचाव
पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए लोगों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक से बचने की सलाह दी जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की साइबर ठगी होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।