ईरान पर हमले को लेकर लेखिका अरुंधति रॉय का तीखा बयान, भारत सरकार की चुप्पी पर उठाए सवाल
Mediawali news
प्रसिद्ध लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता Arundhati Roy ने Iran पर हुए हमले को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने United States और Israel की कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया। साथ ही उन्होंने इस मुद्दे पर India सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाए और इसे “डरपोक और रीढ़हीन सरकार” की प्रतिक्रिया करार दिया।
अरुंधति रॉय ने कहा कि किसी भी संप्रभु देश पर इस तरह का सैन्य हमला वैश्विक शांति के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। उनका कहना है कि मध्य-पूर्व में पहले से ही तनाव का माहौल है और यदि ऐसी सैन्य कार्रवाइयाँ जारी रहीं तो यह स्थिति बड़े अंतरराष्ट्रीय संकट में बदल सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि दुनिया पहले ही परमाणु हथियारों के खतरे से जूझ रही है और इस तरह के संघर्ष वैश्विक परमाणु संकट को और बढ़ा सकते हैं। रॉय ने यह भी कहा कि दुनिया के कई देशों की सरकारें बड़े शक्तिशाली देशों के दबाव में खुलकर प्रतिक्रिया नहीं दे रही हैं। उन्होंने भारत सरकार की विदेश नीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक देश से उम्मीद की जाती है कि वह अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर स्पष्ट और स्वतंत्र रुख अपनाए। उनके अनुसार, अगर किसी देश पर हमला होता है तो भारत को शांति और संवाद का समर्थन करते हुए अपनी राय स्पष्ट रूप से सामने रखनी चाहिए।
लेखिका ने यह भी कहा कि किसी भी देश में राजनीतिक बदलाव या शासन परिवर्तन बाहरी सैन्य हस्तक्षेप से नहीं बल्कि उस देश की जनता के माध्यम से ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि बाहरी हस्तक्षेप अक्सर हालात को और जटिल बना देता है और आम नागरिकों को इसका सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है। रॉय के इस बयान के बाद राजनीतिक और बौद्धिक हलकों में बहस तेज हो गई है। कुछ लोग उनके बयान को अंतरराष्ट्रीय शांति के पक्ष में उठाई गई आवाज मान रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि विदेश नीति जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सरकार को कई कूटनीतिक पहलुओं को ध्यान में रखना पड़ता है।
मध्य-पूर्व की मौजूदा स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि अगर प्रमुख देश संयम और कूटनीति का रास्ता नहीं अपनाते हैं, तो क्षेत्रीय संघर्ष बड़े वैश्विक तनाव का रूप ले सकता है। ऐसे में दुनिया के प्रमुख देशों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।