अधिकारी बनकर झांसे में लेने लगे साइबर ठग, 1.9 करोड़ की ठगी में तीन गिरफ्तार
सावधान रहें
कोई भी अधिकारी फोन पर पैसे ट्रांसफर करने को नहीं कहता
RBI या बैंक कभी वेरिफिकेशन के नाम पर रकम नहीं मांगते
अनजान कॉल पर डराने-धमकाने वाली बातों पर भरोसा न करें
शक होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस से संपर्क करें
Mediawali news
फरीदाबाद पुलिस ने खुद को अधिकारी बताकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन्होंने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का अधिकारी बनकर एक व्यक्ति से करीब 1.9 करोड़ रुपये ठग लिए। पकड़े गए आरोपियों की पहचान आसिफ (21) निवासी देहरादून, काशिफ आज़म (24) निवासी सहारनपुर और नदीम अहमद (38) निवासी देहरादून के रूप में हुई है। तीनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक सेक्टर-29 निवासी पीड़ित को 6 दिसंबर 2025 को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को गुरुग्राम स्थित टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी बताया और कहा कि उनका वाई-फाई कनेक्शन बंद होने वाला है, इसलिए तकनीकी जांच जरूरी है। कुछ देर बाद दूसरे नंबर से कॉल कर आरोपी ने खुद को RBI अधिकारी बताया और कहा कि पीड़ित के बैंक खाते में संदिग्ध लेनदेन मिले हैं।
आरोपियों ने डर दिखाया कि अगर जांच में सहयोग नहीं किया तो मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज हो सकता है और खाते सीज कर दिए जाएंगे। भरोसा दिलाने के लिए ठग लगातार फोन और ऑनलाइन संपर्क में रहे और आधिकारिक भाषा का इस्तेमाल करते रहे। इसके बाद पीड़ित से “वेरिफिकेशन” के नाम पर कई चरणों 1.9 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए गए।
जांच में पुलिस ने बैंक ट्रांजैक्शन ट्रेल, मोबाइल नंबर और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। देहरादून और सहारनपुर में दबिश देकर तीनों को पकड़ लिया गया। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि आरोपी फर्जी सिम, म्यूल बैंक खाते और इंटरनेट कॉलिंग का इस्तेमाल करते थे ताकि पहचान छिपी रहे। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी की रकम के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
ठगी का तरीका
पहले टेलीकॉम कर्मचारी बनकर संपर्क
फिर RBI अधिकारी बनकर डराया
बैंकिंग गड़बड़ी और केस का भय दिखाया
“वेरिफिकेशन” के नाम पर पैसे ट्रांसफर कराए
फर्जी सिम और म्यूल खातों से रकम निकाल ली