AI समिट से पहले यूएन प्रमुख गुटेरेस ने भारत को बताया वैश्विक नेतृत्व की नई ताकत
Delhi news
नई दिल्ली:
संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भारत की वैश्विक भूमिका की जमकर प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि दुनिया और संयुक्त राष्ट्र के एजेंडे में भारत का स्थायी योगदान बेहद महत्वपूर्ण है और वैश्विक मंच पर भारत जैसे उभरते देशों की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है, जो एक सकारात्मक वैश्विक ट्रेंड है।
गुटेरेस जल्द ही इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल होने के लिए भारत दौरे पर आने वाले हैं। इस दौरान वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे।
संयुक्त राष्ट्र में भारत की बढ़ती भूमिका
यूएन प्रमुख के अनुसार, भारत अब संयुक्त राष्ट्र की प्रमुख चर्चाओं में एक अहम नेतृत्वकर्ता बन चुका है। शांति और सुरक्षा, सतत विकास, मानवाधिकार और वैश्विक अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों पर भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।
उन्होंने भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान लिए गए फैसलों की भी सराहना की और कहा कि भारत वैश्विक नेतृत्व के नए मॉडल का उदाहरण बन रहा है।
गुटेरेस ने यह भी कहा कि जहां कई देशों में लोकतंत्र कमजोर हो रहा है, वहीं भारत एक मजबूत और स्थिर लोकतांत्रिक राष्ट्र के रूप में खड़ा है।
यूएन शांति मिशनों में भारत का योगदान
एंटोनियो गुटेरेस ने यूएन शांति मिशनों में भारत के योगदान को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि करीब 5,000 भारतीय सैनिक और पुलिसकर्मी दुनिया के विभिन्न हिस्सों में शांति मिशनों में तैनात हैं।
उन्होंने विशेष रूप से 2007 में लाइबेरिया में भेजी गई पूरी तरह महिला पुलिस यूनिट का जिक्र किया, जिसे लैंगिक समानता के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम बताया गया।
बदलती वैश्विक आर्थिक शक्ति
गुटेरेस ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में बदलाव के ट्रेंड पर भी बात की। उन्होंने कहा कि जी7 जैसे विकसित देशों का आर्थिक प्रभुत्व धीरे-धीरे कम हो रहा है, जबकि भारत जैसे उभरते देशों की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि यह बदलाव भविष्य में अधिक न्यायपूर्ण और संतुलित वैश्विक व्यवस्था बनाने में मदद करेगा।
संयुक्त राष्ट्र में सुधार की जरूरत
यूएन महासचिव ने सुरक्षा परिषद के ढांचे को “पुराना और असमान” बताते हुए इसमें सुधार की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक वास्तविकताओं को बेहतर प्रतिनिधित्व देने के लिए यूएन प्रणाली में बदलाव जरूरी है।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यूएन केवल सुरक्षा परिषद नहीं है और 193 सदस्य देशों वाली महासभा में सभी देशों की समान आवाज है।
भारत दौरे का एजेंडा
गुटेरेस अपने भारत दौरे के दौरान एआई, ऊर्जा परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे विषयों पर चर्चा करेंगे। उन्होंने भारत को नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में वैश्विक नेता भी बताया।