ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो अपडेट: फेज-1 को मिलेगी अलग मंजूरी, जल्द शुरू हो सकता है निर्माण
Mediawali News,
Greater Noida West Metro News: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों निवासियों के लिए राहत भरी खबर है। मेट्रो विस्तार परियोजना में बड़ा बदलाव करते हुए अब पूरे प्रोजेक्ट की डीपीआर एक साथ भेजने के बजाय केवल फेज-1 को मंजूरी के लिए शहरी विकास मंत्रालय में भेजा जाएगा। इससे लंबे समय से अटकी परियोजना को गति मिलने की उम्मीद है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
अधिकारियों के अनुसार, पहले फेज-1 और फेज-2 दोनों को एक साथ मंजूरी के लिए भेजा जा रहा था। लेकिन फेज-2 में तकनीकी और स्वीकृति संबंधी दिक्कतों के कारण पूरा प्रोजेक्ट अटक रहा था।
अब रणनीति बदली गई है ताकि पहले चरण को जल्दी मंजूरी मिल सके और निर्माण कार्य शुरू किया जा सके। नोएडा अथॉरिटी के सीईओ कृष्ण करुणेष ने बताया कि सेक्टर-51 और सेक्टर-61 से होते हुए ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4 तक के कॉरिडोर को प्राथमिकता दी जाएगी।
फेज-1 में कौन-कौन से स्टेशन होंगे?
फेज-1 के तहत इन क्षेत्रों को जोड़ा जाएगा:
- नोएडा सेक्टर-51
- सेक्टर-70
- सेक्टर-122
- सेक्टर-123
- ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4
- सेक्टर-49
इस चरण में चार नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे।
अलग से मंजूरी मिलने पर काम तेजी से शुरू होने की संभावना है।
फेज-2 में क्या रहेगा?
फेज-2 में सेक्टर-2 से आगे नॉलेज पार्क-5 तक विस्तार प्रस्तावित है। इसमें ये स्टेशन शामिल होंगे:
- ग्रेटर नोएडा सेक्टर-3
- सेक्टर-10
- सेक्टर-12
- नॉलेज पार्क-5
- इकोटेक-12
- ग्रेटर नोएडा सेक्टर-2
पहले ये स्टेशन फेज-1 का हिस्सा थे, लेकिन अब इन्हें दूसरे चरण में शिफ्ट कर दिया गया है। इन पर अंतिम फैसला बाद में लिया जाएगा।
बॉटनिकल गार्डन-142 लाइन को मिली मंजूरी
हाल ही में केंद्र सरकार ने नोएडा में बॉटनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक 11.56 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन को मंजूरी दी है। इसके साथ ही बोड़ाकी तक 2.6 किलोमीटर लंबे ट्रैक को भी स्वीकृति मिल चुकी है। दोनों परियोजनाओं के टेंडर एक साथ जारी किए जाएंगे और निर्माण कार्य समानांतर रूप से शुरू होगा।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोगों को क्या फायदा?
- लाखों निवासियों को बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट
- दिल्ली और नोएडा से सीधा कनेक्शन
- ट्रैफिक जाम से राहत
- रियल एस्टेट और औद्योगिक विकास को बढ़ावा
फिलहाल यह विचार चल रहा है कि सीधा कनेक्शन सेक्टर-52 से दिया जाए या सेक्टर-61 से। सरकार का लक्ष्य है कि बढ़ती आबादी को जल्द से जल्द मेट्रो सुविधा उपलब्ध कराई जाए।