नोएडा में बाइक चोरी गिरोह का भंडाफोड़, तीन शातिर बदमाश गिरफ्तार
Noida news
22 बाइक और 2 स्कूटी बरामद, रात में देते थे वारदात को अंजाम
दिन में रेकी, रात में चोरी की वारदात
नोएडा समेत दिल्ली-एनसीआर में बाइक चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले तीन शातिर बदमाशों को सेक्टर-24 थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी दिन के समय सेक्टरों और सोसाइटियों में खड़ी बाइकों की रेकी करते थे और रात 10 बजे के बाद चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। चोरी किए गए वाहनों को एक जगह इकट्ठा कर कम दामों में बेच दिया जाता था।
पुलिस के अनुसार, गिरोह अब तक नोएडा, दिल्ली और गाजियाबाद से 50 से अधिक बाइक चोरी कर चुका है।
22 बाइक, 2 स्कूटी और हथियार बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 22 बाइक, दो स्कूटी, एक फर्जी नंबर प्लेट, एक तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। बरामद वाहनों में से कुछ बाइक पहले से दर्ज मामलों से संबंधित पाई गई हैं।
एक बाइक थाना सेक्टर-20 नोएडा में दर्ज केस से जुड़ी है, जबकि दो अन्य बाइक दिल्ली के अशोक नगर और पुल प्रहलादपुर थाना क्षेत्र की एफआईआर से संबंधित हैं। पुलिस बाकी वाहनों की भी जांच कर रही है।
इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से पकड़े गए आरोपी
नोएडा एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि हाल के दिनों में बाइक चोरी की घटनाएं बढ़ गई थीं, खासकर सेक्टर-49 और आसपास के क्षेत्रों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद पुलिस टीम गठित की गई और लोकल इंटेलिजेंस व इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए सेक्टर-50 बिजलीघर के पास से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विशाल उर्फ सलीम, दीपक और दिवाकर सरकार के रूप में हुई है।
सरगना विशाल पर 13 से ज्यादा केस दर्ज
पुलिस पूछताछ में पता चला कि गिरोह का सरगना विशाल उर्फ सलीम है, जिसके खिलाफ चोरी, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट सहित 13 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
वहीं दीपक के खिलाफ चोरी, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत सात केस दर्ज हैं, जबकि दिवाकर सरकार का नाम भी एक एफआईआर में दर्ज है।
नौकरी छूटी तो बने बाइक चोर
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे एक साल पहले दिल्ली-एनसीआर में नौकरी करने आए थे। इसी दौरान उनकी आपस में मुलाकात हुई और नौकरी छोड़कर बाइक चोरी करने का प्लान बनाया। तीनों कम पढ़े-लिखे हैं और चोरी से मिलने वाली रकम से अपने खर्च चलाते थे।
पुलिस अब गिरोह के अन्य साथियों और चोरी के वाहनों के नेटवर्क की जांच कर रही है।