भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं की कथा सुन श्रोता भावविभोर
शिवराजपुर क्षेत्र के सखरेज गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिवस श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबे नजर आए। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में भक्तों की मौजूदगी रही और वातावरण कृष्ण भक्ति से सराबोर रहा।
संतान और सन्यास पर दिया आध्यात्मिक संदेश
कथा व्यास रामजी शुक्ल (परशुराम) ने प्रवचन के दौरान कहा कि यदि किसी कुल में एक भी बालक संन्यास धारण कर ले तो सत्रह पीढ़ियां पीछे और सत्ताइस पीढ़ियां आगे तक का उद्धार हो जाता है। उन्होंने भक्ति, त्याग और धर्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मानव जीवन को सार्थक बनाने का संदेश दिया।
कृष्ण जन्मोत्सव का भव्य आयोजन
चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और उनकी बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा के दौरान कृष्ण जन्मोत्सव बड़े हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ उत्सव में भाग लिया और भक्ति गीतों पर झूमते नजर आए।
श्रद्धालुओं की बड़ी सहभागिता
भागवत परीक्षित लता प्रसाद दुबे सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया। इस अवसर पर आयोजक लालता प्रसाद, मुन्नी देवी, उमेश चंद्र अवस्थी, सुशील दुबे सहित क्षेत्र के अनेक भक्त उपस्थित रहे। कथा सुनकर श्रोता भावविभोर हो उठे।