कम विजिबिलिटी बनी काल, ‘रनवे दिख गया’ कहने के बाद भी कैसे क्रैश हुआ अजित पवार का विमान? मंत्रालय की रिपोर्ट में खुलासा
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की बारामती में हुए विमान हादसे में मौत के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस दुर्घटना को लेकर एक विस्तृत मिनट-दर-मिनट रिपोर्ट जारी की है। शुरुआती जांच में हादसे की मुख्य वजह खराब मौसम और कम दृश्यता (विजिबिलिटी) बताई गई है। रिपोर्ट में हादसे से ठीक पहले पायलट और एयर ट्रैफिक से जुड़े घटनाक्रम का पूरा ब्यौरा दिया गया है।
कम विजिबिलिटी बनी हादसे की बड़ी वजह
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, हादसे के वक्त बारामती एयरफील्ड पर विजिबिलिटी बेहद कम थी। यही कारण है कि विमान को लैंडिंग में बार-बार दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मंत्रालय का कहना है कि यह एक अनियंत्रित हवाई अड्डा है, जहां पूर्णकालिक एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) व्यवस्था नहीं है और उड़ान से जुड़ी सूचनाएं पायलट आपस में साझा करते हैं।
विमानन मंत्री ने क्या कहा
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने इस दर्दनाक हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए बताया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार सुबह करीब 8:48 बजे लैंडिंग के समय दृश्यता बेहद कम थी। उन्होंने कहा कि DGCA और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की टीमें मामले की गहन जांच कर रही हैं और हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
हादसे से पहले मिनट-दर-मिनट घटनाक्रम
मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, 28 जनवरी 2026 को चार्टर्ड विमान (पहचान संख्या VI-SSK) ने सुबह 8 बजकर 18 मिनट पर पहली बार बारामती से संपर्क किया। इसके बाद जब विमान 30 समुद्री मील दूर था, तब दोबारा संपर्क हुआ। पायलट को अपने विवेक से विजुअल मेट्रोलॉजिकल कंडीशन में नीचे उतरने की सलाह दी गई।
इसके बाद पायलट ने हवा की गति और विजिबिलिटी की जानकारी मांगी। उन्हें बताया गया कि हवा शांत है और दृश्यता लगभग 3000 मीटर है। विमान ने रनवे 11 पर लैंडिंग की तैयारी की सूचना दी, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि रनवे दिखाई नहीं दे रहा है। इसके चलते पहली बार लैंडिंग की कोशिश छोड़कर विमान को फिर से ऊपर ले जाया गया।
रनवे दिखने का दावा और लैंडिंग की मंजूरी
दूसरी बार चक्कर लगाने के दौरान भी पायलट ने रनवे 11 पर उतरने की जानकारी दी, लेकिन कहा कि अभी रनवे साफ नजर नहीं आ रहा है। कुछ सेकंड बाद पायलट ने ATC को बताया कि अब उन्हें रनवे दिख गया है। इसके बाद सुबह 8 बजकर 43 मिनट पर लैंडिंग की अनुमति दे दी गई।
हालांकि मंत्रालय ने बताया कि पायलट ने लैंडिंग क्लियरेंस मिलने की पुष्टि नहीं की। ठीक एक मिनट बाद, सुबह 8 बजकर 44 मिनट पर रनवे के पास आग की लपटें दिखाई दीं।
हादसे में पांच लोगों की मौत
आपातकालीन सेवाओं को तुरंत मौके पर भेजा गया, लेकिन विमान रनवे के बाईं ओर क्रैश हो चुका था। इस हादसे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित कुल पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें उनके दो स्टाफ सदस्य, एक निजी सुरक्षा अधिकारी और एक सहायक शामिल थे।
जांच एजेंसियां जुटीं, रिपोर्ट का इंतजार
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी खामियों, मौसम की स्थिति और मानवीय चूक—तीनों पहलुओं की गहन जांच की जाएगी, ताकि हादसे की असली वजह सामने आ सके।