जनवरी में बाजार सुस्त, 4% टूटे सेंसेक्स–निफ्टी: क्या 26 जनवरी के बाद आएगी ‘बजट रैली’?
साल की शुरुआत शेयर बाजार के लिए रही निराशाजनक
नई दिल्ली। कैलेंडर वर्ष 2026 की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए कमजोर साबित हुई है। जनवरी महीने में अब तक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में चार प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। विदेशी फंडों की लगातार निकासी, कमजोर होता रुपया, कॉरपोरेट आय में सुस्ती, भू-राजनीतिक जोखिम और टैरिफ से जुड़ी नई चिंताओं ने निवेशकों की धारणा पर दबाव बनाया है।
आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी में अब तक बीएसई सेंसेक्स 3,682.9 अंक यानी 4.32 प्रतिशत गिर चुका है, जबकि एनएसई निफ्टी में 1,080 अंक या 4.13 प्रतिशत की कमजोरी आई है।
गिरावट के पीछे प्रमुख कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर जोखिम-नकारात्मक माहौल ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) को आक्रामक बिकवाली के लिए प्रेरित किया है। इसके चलते भारतीय रुपये पर भी दबाव बढ़ा है। 23 जनवरी को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92 के ऐतिहासिक निचले स्तर तक फिसल गया था और जनवरी में अब तक दो प्रतिशत से अधिक टूट चुका है।
इसके अलावा—
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आईटी, बैंकिंग और उपभोक्ता क्षेत्र की कंपनियों की कमजोर आय
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कच्चे तेल के ऊंचे दाम
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वैश्विक बांड यील्ड में तेजी
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अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापार तनाव
ने भी बाजार की कमजोरी को और बढ़ाया है।
पिछले 5 सालों का ट्रेंड क्या कहता है?
स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के रिसर्च प्रमुख संतोष मीना का कहना है कि ऐतिहासिक रूप से जनवरी में बजट से पहले बाजार में दबाव देखने को मिलता है, लेकिन गणतंत्र दिवस के बाद अक्सर सुधार आता है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो—
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जनवरी 2025 में सेंसेक्स 0.81% गिरा
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जनवरी 2024, 2023, 2022, 2021 और 2020 में भी बाजार में गिरावट रही
यानी, बजट से पहले कमजोरी और बाद में रिकवरी का पैटर्न कई बार दोहराया गया है।
क्या बजट के बाद दिखेगी तेजी?
वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के मुताबिक, मौजूदा गिरावट के बावजूद निवेशक गणतंत्र दिवस के बाद बाजार में सुधार की उम्मीद लगाए बैठे हैं। एक्सिस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार विकास समर्थन और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर सकती है, जिससे बाजार को सहारा मिल सकता है।
पिछले सप्ताह की चाल
पिछले सप्ताह ही सेंसेक्स और निफ्टी में दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 2,032.65 अंक और निफ्टी 645.7 अंक टूट गया। कमजोर वैश्विक संकेतों और घरेलू चुनौतियों के चलते निवेशक फिलहाल सतर्क बने हुए हैं।
निष्कर्ष
हालांकि जनवरी 2026 बाजार के लिए कठिन रहा है, लेकिन पिछले वर्षों के आंकड़े संकेत देते हैं कि गणतंत्र दिवस और बजट के बाद ‘बजट रैली’ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। निवेशकों की नजर अब पूरी तरह आगामी बजट और वैश्विक घटनाक्रमों पर टिकी है।