SHANTI Bill के बीच टाटा पावर का बड़ा संकेत: छोटे मॉड्यूलर न्यूक्लियर रिएक्टरों में निवेश पर विचार
नागरिक परमाणु क्षेत्र में निजी कंपनियों की एंट्री को लेकर केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए SHANTI Bill के बीच टाटा पावर ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं। कंपनी ने कहा है कि कानूनी संशोधनों के बाद वह 20–50 मेगावाट क्षमता वाले छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (MMR) परियोजनाओं पर निवेश करने पर विचार करेगी।
कानूनी बदलावों के बाद फैसला
टाटा पावर के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर प्रवीर सिन्हा ने पीटीआई से बातचीत में बताया कि जैसे ही परमाणु क्षेत्र से जुड़े कानूनों का अंतिम स्वरूप सामने आएगा, कंपनी निवेश के अवसरों का आकलन करेगी। उन्होंने कहा कि टाटा पावर भविष्य की परमाणु योजनाओं के लिए संभावित स्थानों की तलाश भी शुरू कर चुकी है।
SHANTI Bill क्या है
सरकार ने सोमवार को लोकसभा में ‘भारत को बदलने के लिए परमाणु ऊर्जा का सतत उपयोग तथा उन्नयन विधेयक, 2025 (SHANTI)’ पेश किया। इस बिल का उद्देश्य नागरिक परमाणु क्षेत्र के कानूनों में व्यापक सुधार करना, निजी भागीदारी को अनुमति देना और एक नई देयता व्यवस्था लागू करना है। यह विधेयक प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने पेश किया।
MMR पर टाटा पावर का फोकस
प्रवीर सिन्हा ने कहा कि देश में परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े अवसर हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया,
“जब अंतिम मसौदा सामने आएगा, तब अवसर और स्पष्ट होंगे, लेकिन हमारी प्राथमिकता 20–50 मेगावाट क्षमता वाले छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर हैं।”
परमाणु परियोजनाओं में चुनौतियां
सिन्हा ने यह भी कहा कि परमाणु संयंत्र स्थापित करने में समय लगेगा।
उन्होंने बताया कि इसमें सुरक्षा, स्थल चयन और ईंधन से जुड़े कई मुद्दे होते हैं। हालांकि, लंबी प्रक्रिया के बावजूद भविष्य में परमाणु ऊर्जा भारत की ऊर्जा जरूरतों में अहम भूमिका निभाएगी।
टाटा पावर शेयर का हाल
शेयर बाजार में सूचीबद्ध टाटा पावर के शेयर की मौजूदा कीमत करीब ₹382 है। कंपनी के शेयर ने पिछले 5 वर्षों में 402% से अधिक का रिटर्न दिया है, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।
SHANTI Bill के पारित होने की स्थिति में भारत के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी निवेश को नई दिशा मिल सकती है, और टाटा पावर इसमें एक बड़ी भूमिका निभाने के संकेत दे रही है।