दिल्ली में ग्रेड ए रिटेल स्पेस में Q4 2025 में 1.7 मिलियन स्क्वायर फीट की वृद्धि
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में ग्रेड-ए रिटेल स्पेस की आपूर्ति में साल 2025 की चौथी तिमाही के दौरान बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। रियल एस्टेट कंसल्टेंसी कंपनी JLL की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इस अवधि में करीब 1.74 मिलियन स्क्वायर फीट नया रिटेल स्पेस बाजार में जुड़ने की संभावना है।
उपनगरों में होगा 60% नया रिटेल स्पेस
रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले नए ग्रेड-ए रिटेल स्पेस का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा दिल्ली-एनसीआर के उपनगरों में विकसित किया जाएगा। इससे उपनगरों में रिटेल लीजिंग को मजबूती मिलेगी और अंतरराष्ट्रीय व घरेलू ब्रांड्स को अपने आउटलेट विस्तार का बेहतर मौका मिलेगा।
लीजिंग गतिविधियों में रही मजबूती
चौथी तिमाही 2025 में दिल्ली में कुल 1.10 मिलियन स्क्वायर फीट का ग्रॉस रिटेल लीजिंग दर्ज किया गया। इसमें उपनगरों की हिस्सेदारी 64 प्रतिशत, जबकि प्राइम अदर क्षेत्रों की हिस्सेदारी 36 प्रतिशत रही। इस दौरान नेट एब्सॉर्प्शन 0.73 मिलियन स्क्वायर फीट रहा।
फैशन और फूड सेक्टर आगे
रिपोर्ट बताती है कि रिटेल स्पेस लेने में फैशन और परिधान सेक्टर सबसे आगे रहा, जिसने कुल लीजिंग का 35 प्रतिशत हिस्सा लिया। इसके बाद फूड एंड बेवरेज और डेली नीड्स व ग्रॉसरी सेक्टर का योगदान 13-13 प्रतिशत रहा।
पिछली तिमाही में भी बढ़ा रिटेल स्टॉक
तीसरी तिमाही 2025 में भी दिल्ली-एनसीआर में 1.09 मिलियन स्क्वायर फीट नया रिटेल स्पेस जोड़ा गया था। इस दौरान गुड़गांव में फेलिक्स प्लाज़ा और दिल्ली में मिडटाउन प्लाज़ा जैसे प्रमुख प्रोजेक्ट्स शुरू हुए, जिनमें PVR, Westside, Lifestyle और Reliance Digital जैसे बड़े ब्रांड्स शामिल हुए।
किराए में सालाना बढ़ोतरी
किराए तिमाही आधार पर स्थिर रहे, लेकिन सालाना आधार पर प्राइम अदर सबमार्केट में 10 प्रतिशत और प्राइम साउथ में 4.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ता रिटेल स्टॉक दिल्ली-एनसीआर को एक मजबूत शॉपिंग और ब्रांड हब के रूप में और स्थापित करेगा।