NHRC कार्यक्रम में राष्ट्रपति मुर्मू का संदेश: “मानवाधिकारों की रक्षा सरकार ही नहीं, हर नागरिक का कर्तव्य”

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भारत मंडपम में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के कार्यक्रम को किया संबोधित

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को आयोजित एनएचआरसी के कार्यक्रम में कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा केवल सरकारों या संस्थानों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक को दूसरे नागरिकों की गरिमा और अधिकारों की रक्षा में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

“मानवाधिकार अविभाज्य और अहस्तांतरणीय” – राष्ट्रपति

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा—
“सार्वभौमिक मानवाधिकार अविभाज्य हैं और वे न्यायपूर्ण, समान और दयालु समाज की आधारशिला हैं।”
उन्होंने कहा कि मानवाधिकार सामाजिक लोकतंत्र को मजबूत बनाते हैं और नागरिकों को डर के बिना जीने, बाधाओं के बिना सीखने और शोषण से मुक्त होकर काम करने का अधिकार देते हैं।

मानवाधिकार और विकास एक-दूसरे के पूरक

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत दुनिया को यह संदेश देता रहा है कि मानवाधिकारों को विकास से अलग नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि एक समतामूलक समाज में विकास तभी सार्थक है जब हर नागरिक सुरक्षित, सम्मानजनक और न्यायपूर्ण वातावरण में जी सके।

एनएचआरसी के मोबाइल ऐप की शुरुआत की सराहना

राष्ट्रपति ने एनएचआरसी के नए मोबाइल एप के शुभारंभ पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह ऐप आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा साबित होगा, क्योंकि इससे शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और अधिक सरल और सुलभ हो जाएगी।

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