ग्रैप-2 लागू होते ही बिना फिटनेस वाले वाहनों पर बड़ी कार्रवाई, 22 लाख रुपये तक के चालान
प्रदूषण बढ़ा, शहर की हवा और जहरीली
दिल्ली–एनसीआर में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। हवा इतनी खराब हो चुकी है कि लोगों की सेहत पर सीधा असर पड़ रहा है। इसी स्थिति को देखते हुए 18 अक्टूबर से एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) स्टेज-2 लागू किया गया।
परिवहन विभाग की सख्त चेकिंग, 1300 से ज्यादा वाहन पकड़े गए
ग्रैप लागू होने के बाद परिवहन विभाग ने जगह-जगह अभियान चलाकर बिना फिटनेस, बिना वैध कागजात और ज्यादा धुआं छोड़ने वाले वाहनों पर कार्रवाई तेज कर दी।
कार्रवाई के दौरान—
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899 वाहनों का चालान जारी किया गया
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401 वाहन सीज किए गए
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कुल जुर्माना: ₹22,50,000 वसूला गया
अधिकारियों के अनुसार, चेतावनी के बावजूद कई वाहन मालिक अपनी पुरानी व बिना फिटनेस वाली गाड़ियों को सड़क पर उतार रहे थे, जो सामान्य वाहनों की तुलना में अधिक धुआं छोड़कर हवा को और जहरीला बना रही थीं।
7 महीनों में 5.65 करोड़ के चालान, 2,256 वाहन सीज
परिवहन विभाग ने केवल ग्रैप के बाद ही नहीं, बल्कि अप्रैल से अक्टूबर के बीच भी लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाया।
इस दौरान—
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13,653 वाहनों पर फिटनेस संबंधी कार्रवाई
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2,256 वाहन सीज
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5 करोड़ 65 लाख रुपये के चालान
ये आंकड़े बताते हैं कि बिना फिटनेस वाले वाहन बड़ी संख्या में सड़कों पर दौड़ रहे हैं और प्रदूषण बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
लोगों की लापरवाही से हवा और खराब
वाहन मालिकों की लापरवाही की वजह से शहर की हवा और भी खराब होती जा रही है।
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आम नागरिकों को सांस लेने में दिक्कत
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बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा मरीजों पर गंभीर प्रभाव
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धुआंधार वाहन रोजमर्रा की जिंदगी को भी मुश्किल बना रहे हैं
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक लोग खुद जागरूक नहीं होंगे, तब तक प्रदूषण पर नियंत्रण मुश्किल है।
आगे और सख्त कार्रवाई होगी: आरटीओ
आरटीओ उदित नारायण ने कहा है—
“आगे भी बिना फिटनेस और प्रदूषण बढ़ाने वाले वाहनों पर और सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। नियमों का पालन जरूरी है, तभी शहर की हवा साफ हो सकेगी।”