South Korea: 1700 वीडियो, 261 पीड़ित, नाबालिगों का शोषण… साइबर अपराधी किम नोक-वॉन को उम्रकैद

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दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने सोमवार को देश के सबसे बड़े डिजिटल यौन शोषण मामले में 33 वर्षीय किम नोक-वॉन को उम्रकैद की सजा सुनाई। किम ने चार साल में 261 पीड़ितों, जिनमें कई नाबालिग शामिल थे, का यौन शोषण, ब्लैकमेल और धमकी के जरिए एक संगठित अपराध नेटवर्क खड़ा किया था। अदालत ने कहा कि उसके अपराध इतने जघन्य हैं कि समाज की सुरक्षा के लिए उसका “स्थायी अलगाव” जरूरी है।

कैसे चलाता था डिजिटल ब्लैकमेल गैंग?

अदालत के अनुसार किम ने अगस्त 2020 से अपराधों की शुरुआत की। वह सोशल मीडिया और टेलीग्राम पर महिलाओं और पुरुषों को निशाना बनाता था—

  • उजागर करने की धमकी देता

  • नए पीड़ितों को ब्लैकमेल कर जोड़ता

  • पिरामिड-स्टाइल नेटवर्क बनाता
    इसी नेटवर्क में करीब 1,700 शोषणकारी वीडियो/फोटो तैयार और साझा की गईं।

 नाबालिग सबसे ज्यादा पीड़ित

  • 16 पीड़ितों पर सीधा हमला किया

  • इनमें 14 नाबालिग थे

  • 13 मामलों के उसने वीडियो भी रिकॉर्ड किए

  • लगभग 70 पीड़ितों की सामग्री तैयार की गई

  • 260 कंटेंट ऑनलाइन लीक कर ब्लैकमेल किया गया

  • कई पीड़ितों के परिवार और कार्यस्थल तक धमकियां पहुंचाईं

 11 साथी गिरफ्तार – 5 नाबालिग

किम के साथ 10 अन्य आरोपियों को भी 2 से 4 साल जेल की सजा मिली है। अदालत ने कहा कि सभी को पता था कि वे जिन लोगों को धमकाकर नेटवर्क में ला रहे हैं, उन पर भी वही यौन अत्याचार दोहराए जाएंगे।

 डिजिटल यौन अपराधों का नया खतरा

अदालत ने कहा कि डिजिटल स्पेस में यौन अपराधों का नुकसान कई गुना बढ़ जाता है, क्योंकि ऑनलाइन फैली सामग्री को पूरी तरह हटाना लगभग असंभव है।
यह फैसला ठीक पाँच साल बाद आया है जब 2020 में ‘एन-रूम’ केस के आरोपी चो जू-बिन को 40 साल की सजा दी गई थी।

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