महिलाओं में बढ़ते कैंसर पर रोक के लिए दिलशाद गार्डन में लगा विशेष जांच शिविर
सर्वाइकल और स्तन कैंसर की जांच पर विशेष ध्यान
दिलशाद गार्डन हेल्थ ट्रेनिंग सेंटर में महिलाओं में बढ़ते गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) और स्तन कैंसर को रोकने के उद्देश्य से एक विशेष जांच शिविर आयोजित किया गया। इस कैंप का आयोजन आईसीएमआर-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर प्रिवेंशन एंड रिसर्च (ICMR-NICPR), यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज (UCMS) और जीटीबी अस्पताल (GTBH) के कम्युनिटी मेडिसिन तथा प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के संयुक्त सहयोग से किया गया।
70 महिलाओं की हुई जांच, अपनाई गई आधुनिक एचपीवी तकनीक
शिविर में ताहिरपुर, कलंदर कॉलोनी, नंद नगरी और दिलशाद गार्डन की 30 से 65 वर्ष आयु वर्ग की 70 महिलाओं की जांच की गई। गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की जांच के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा सुझाई गई एचपीवी टेस्टिंग तकनीक का उपयोग किया गया, जो कैंसर की शुरुआती अवस्था में पहचान करने में सहायक है।
वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम ने संभाला नेतृत्व
शिविर का संचालन वरिष्ठ डॉक्टरों के मार्गदर्शन में हुआ। इनमें प्रो. एस.के. भसीन, प्रो. प्रगति छाबड़ा, डॉ. अपर्णा कपूर (कम्युनिटी मेडिसिन विभाग), प्रो. रचना अग्रवाल और प्रो. बिंदिया गुप्ता (प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग, यूसीएमएस एवं जीटीबी अस्पताल) शामिल थीं।
आईसीएमआर-एनआईसीपीआर की टीम का नेतृत्व डॉ. एकता गुप्ता और डॉ. शोएब हुसैन ने किया।
महिलाओं में जागरूकता बढ़ाना रहा मुख्य उद्देश्य
कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को कैंसर की समय पर जांच और इलाज के महत्व के बारे में जागरूक करना था। जिन महिलाओं में जांच के दौरान कोई समस्या पाई गई, उन्हें जीटीबी अस्पताल में फॉलो-अप और इलाज की सुविधा दी जाएगी। डॉक्टरों ने बताया कि नियमित जांच करवाने से कैंसर की रोकथाम संभव है।
भविष्य में और भी शिविर लगाने की योजना
शिविर में स्तन कैंसर की जांच भी शामिल रही, ताकि महिलाओं को दोनों प्रमुख कैंसरों से बचाव के तरीके समझाए जा सकें।
कार्यक्रम की सफलता ने साबित किया कि जागरूकता और नियमित जांच के माध्यम से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से न केवल बचाव, बल्कि समय पर इलाज भी संभव है।
यूसीएमएस, जीटीबी अस्पताल और आईसीएमआर-एनआईसीपीआर की टीमें आगे भी ऐसे स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन की योजना बना रही हैं।