HDFC बैंक परिवर्तन और राउंड टेबल इंडिया की बड़ी पहल,1300 से ज्यादा बच्चों को मिलेगा बेहतर शिक्षा का लाभ
HDFC बैंक ने छज्जासरी गांव में बना 32 क्लासरूम वाला आधुनिक स्कूल विंग
Mediawali news, Noida
Noida के सेक्टर-63 स्थित छज्जासरी गांव के सरकारी कम्पोजिट स्कूल में अब बच्चों को बेहतर और आधुनिक माहौल में पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। HDFC Bank Parivartan और Round Table India ने मिलकर यहां एक नए प्राइमरी स्कूल विंग का उद्घाटन किया है। इस परियोजना के तहत स्कूल को 32 क्लासरूम वाली आधुनिक शिक्षण सुविधा में बदला गया है, जिससे हर साल करीब 1300 छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा।
यह पहल एचडीएफसी बैंक के सीएसआर कार्यक्रम ‘परिवर्तन’ और राउंड टेबल इंडिया की प्रमुख पहल ‘फ्रीडम थ्रू एजुकेशन’ के तहत पूरी की गई है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य गांव के बच्चों को सुरक्षित, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण उपलब्ध कराना है।
HDFC बैंक: पहले खुले में पढ़ते थे बच्चे
स्कूल में नई सुविधाएं बनने से पहले बच्चों को काफी कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई करनी पड़ती थी। कई छात्र अस्थायी शेड और खुले स्थानों में बैठकर पढ़ते थे। गर्मी, बारिश और सर्दी जैसे मौसम का सीधा असर उनकी पढ़ाई पर पड़ता था।
अब नए स्कूल विंग के निर्माण के बाद बच्चों को सुरक्षित क्लासरूम, बेहतर बैठने की व्यवस्था और आधुनिक शिक्षा सुविधाएं मिलेंगी। इससे छात्रों की पढ़ाई में रुचि बढ़ेगी और स्कूल का वातावरण भी अधिक व्यवस्थित बनेगा।
HDFC बैंक के करण स्कूल में जोड़ी गईं आधुनिक सुविधाएं
इस बड़े शिक्षा प्रोजेक्ट के तहत एचडीएफसी बैंक परिवर्तन ने 12 नए क्लासरूम का निर्माण कराया है। इसके अलावा 8 पुराने क्लासरूम का नवीनीकरण भी किया गया है। स्कूल में 3 नए सैनिटेशन ब्लॉक और खेल सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।
केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से 12 अतिरिक्त क्लासरूम भी बनाए गए हैं। अब पूरा स्कूल परिसर एकीकृत आधुनिक शिक्षण केंद्र के रूप में तैयार हो चुका है।
स्कूल में अब छात्रों के लिए कई नई सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनमें शामिल हैं—
- आधुनिक लाइब्रेरी
- कंप्यूटर और आईसीटी लैब
- 2 स्मार्ट क्लासरूम
- स्टाफ रूम
- बेहतर खेल सुविधाएं
- स्वच्छ शौचालय व्यवस्था
इसके साथ ही स्कूल में ‘बिल्डिंग एज लर्निंग एड’ यानी बाला डिजाइन को भी पूरी तरह लागू किया गया है। इस तकनीक के जरिए स्कूल की दीवारों, कमरों और भवन संरचना को सीखने का माध्यम बनाया जाता है ताकि बच्चे खेल-खेल में बेहतर तरीके से सीख सकें।
बच्चों की शिक्षा में आएगा बड़ा बदलाव
इस परियोजना से सिर्फ छात्रों को ही नहीं बल्कि शिक्षकों, अभिभावकों और पूरे स्थानीय समुदाय को फायदा मिलेगा। नई व्यवस्था के बाद बच्चों को खुले में पढ़ाई करने की मजबूरी से छुटकारा मिलेगा और वे डिजिटल शिक्षा सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से बच्चों की स्कूल में उपस्थिति बढ़ती है और पढ़ाई के परिणाम भी बेहतर होते हैं। स्वच्छता और सुरक्षित वातावरण मिलने से बच्चों का आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
एचडीएफसी बैंक ने क्या कहा
एचडीएफसी बैंक परिवर्तन की सीएसआर हेड नुसरत पठान ने कहा कि हर बच्चे को सुरक्षित और प्रेरणादायक शिक्षा का माहौल मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर बच्चों के आत्मविश्वास और भविष्य को भी मजबूत बनाता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा में किया गया निवेश आने वाली कई पीढ़ियों को फायदा पहुंचाता है। एचडीएफसी बैंक और राउंड टेबल इंडिया ने मिलकर इसी सोच के साथ इस परियोजना को पूरा किया है।
राउंड टेबल इंडिया ने साझेदारी को बताया अहम
राउंड टेबल इंडिया के नेशनल प्रोजेक्ट कन्वीनर गौरव जैन ने कहा कि सामाजिक बदलाव को बड़े स्तर पर सफल बनाने के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप बेहद जरूरी है।
उन्होंने बताया कि ‘फ्रीडम थ्रू एजुकेशन’ कार्यक्रम के जरिए देशभर में लाखों बच्चों तक शिक्षा सुविधाएं पहुंचाई गई हैं और छज्जासरी गांव का यह स्कूल इसी मिशन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि संस्था भविष्य में भी जरूरतमंद समुदायों के लिए बेहतर शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए काम करती रहेगी।
उद्घाटन समारोह में कई लोग रहे मौजूद
इस कार्यक्रम में राउंड टेबल इंडिया के एरिया वी चेयरमैन पुलकित जिंदल, स्कूल की प्रिंसिपल अंजना वर्मा, एचडीएफसी बैंक परिवर्तन की सीएसआर टीम और राउंड टेबल इंडिया के कई प्रतिनिधि मौजूद रहे।
स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे गांव के बच्चों का भविष्य बेहतर होगा और शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
- Noida के छज्जासरी गाँव में 1,300 से ज़्यादा बच्चों की शिक्षा में बदलाव
एचडीएफसी बैंक ने अपने सीएसआर प्रोग्राम ‘परिवर्तन’ के ज़रिए राउंड टेबल इंडिया के साथ मिलकर, राउंड टेबल इंडिया की मुख्य पहल ‘फ्रीडम थ्रू एजुकेशन’ (एफटीई) के तहत नोएडा के सेक्टर 63 में स्थित छज्जासरी गाँव के सरकारी कम्पोजिट स्कूल में एक नए प्राइमरी विंग का उद्घाटन किया है। इस प्रोजेक्ट ने स्कूल परिसर को पूरी तरह से एकीकृत, 32 क्लासरूम वाली आधुनिक शिक्षण सुविधा में बदल दिया है, जिससे हर साल लगभग 1,300 छात्रों को लाभ मिलेगा।
यह पहल सीधे तौर पर इस क्षेत्र में वंचित समुदायों के बच्चों के लिए मज़बूत शैक्षिक बुनियादी ढांचे की ज़रूरत को पूरा करती है। इस पहल से पहले छात्र अस्थायी शेड और खुली जगहों पर पढ़ाई करते थे, जहाँ उन्हें मौसम की मार झेलनी पड़ती थी। यह प्रोजेक्ट सुरक्षित और आधुनिक शिक्षण वातावरण प्रदान करता है, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुँच को बेहतर बनाने के एचडीएफसी बैंक के लंबे समय से चले आ रहे मिशन और सतत सामुदायिक विकास पर उसके रणनीतिक सीएसआर फोकस के अनुरूप है।
एचडीएफसी बैंक परिवर्तन ने 12 नए क्लासरूम के निर्माण, 8 मौजूदा क्लासरूम के नवीनीकरण, 3 सैनिटेशन ब्लॉक और खेल सुविधाओं के लिए फंडिंग की है। केंद्र और राज्य सरकारों के सहयोग से 12 और क्लासरूम जोड़े गए। अब इस परिसर में एक स्टाफ रूम, लाइब्रेरी, कंप्यूटर और आईसीटी लैब, 2 स्मार्ट क्लासरूम और बिल्डिंग एज़ लर्निंग ऐड (बाला) डिज़ाइन का पूरी तरह से कार्यान्वयन है, यह एक ऐसा दृष्टिकोण है जो सीखने के संकेतों को वास्तुकला में ही शामिल कर देता है। इसका परिणाम एक 32 क्लासरूम वाली पूरी तरह से एकीकृत शिक्षण सुविधा के रूप में सामने आया है।
इस कार्यक्रम से हर साल लगभग 1,300 छात्रों के साथ-साथ शिक्षण कर्मचारियों, छात्रों के परिवारों और व्यापक स्थानीय समुदाय को लाभ मिलेगा। इसके मुख्य परिणामों में अनौपचारिक, खुली हवा में सीखने से हटकर व्यवस्थित, आधुनिक क्लासरूम में सीखना, डिजिटल और स्मार्ट शिक्षण बुनियादी ढांचे तक पहुँच, बेहतर स्वच्छता और साफ़-सफ़ाई के मानक और बाला-आधारित अनुभवात्मक शिक्षण वातावरण के माध्यम से बेहतर जुड़ाव शामिल हैं।
एचडीएफसी बैंक परिवर्तन की सीएसआर हेड नुसरत पठान ने इस पहल के बारे में बात करते हुए कहा, “हर बच्चे को एक सुरक्षित, गरिमापूर्ण और प्रेरणादायक सीखने का माहौल मिलना चाहिए। इंफ्रास्ट्रक्चर सिर्फ़ भौतिक नहीं होता; यह उन बच्चों की आकांक्षाओं, आत्मविश्वास और नतीजों को भी आकार देता है, जो इसका इस्तेमाल करते हैं। शिक्षा राष्ट्र निर्माण में सबसे ज़्यादा असरदार निवेश है, और इसका फ़ायदा पीढ़ियों तक मिलता रहता है। लंबे समय तक चलने वाला बदलाव तब आता है जब संस्थाएँ इरादे और अनुशासन के साथ मिलकर काम करती हैं, जैसा कि एचडीएफसी बैंक परिवर्तन और राउंड टेबल इंडिया ने यहाँ करके दिखाया है।”
राउंड टेबल इंडिया के नेशनल प्रोजेक्ट कन्वीनर श्री गौरव जैन ने इस साझेदारी के बारे में बात करते हुए कहा, “सामाजिक प्रभाव को टिकाऊ तरीके से और जवाबदेही के साथ बड़े पैमाने पर बढ़ाने के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप ज़रूरी हैं। राउंड टेबल इंडिया के ‘फ्रीडम थ्रू एजुकेशन’ कार्यक्रम ने पूरे भारत में लाखों बच्चों पर सकारात्मक असर डाला है और छज्जासरी गाँव का स्कूल इस लगातार जारी मिशन में एक गर्व का मील का पत्थर है। हम उन समुदायों के लिए शैक्षिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जिन्हें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है। हमारा लक्ष्य कॉर्पोरेट इंडिया और उन समुदायों के बीच एक लगातार चलने वाला समझौता बनाए रखना है जिनकी वे सेवा करते हैं।”
उद्घाटन समारोह में राउंड टेबल इंडिया के नेशनल प्रोजेक्ट कन्वीनर श्री गौरव जैन, राउंड टेबल इंडिया के एरिया वी चेयरमैन श्री पुलकित जिंदल, छज्जासरी गाँव के सरकारी कम्पोजिट स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती अंजना वर्मा और एचडीएफसी बैंक परिवर्तन की सीएसआर टीम तथा राउंड टेबल इंडिया के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया
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