सड़क सुरक्षा में गौतमबुद्धनगर बना मिसाल, हादसों और मौतों में बड़ी गिरावट
Mediawali news
जनपद में सड़क सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे सख्त अभियान अब असर दिखाने लगे हैं। जिलाधिकारी मेधा रूपम के नेतृत्व में किए गए प्रयासों से वर्ष 2026 की पहली तिमाही में सड़क दुर्घटनाओं, मौतों और घायलों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
आंकड़ों में दिखी बड़ी सुधार की तस्वीर
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) डॉ. उदित नारायण पाण्डेय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी से 31 मार्च 2026 के बीच स्थिति में स्पष्ट सुधार देखा गया है।
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कुल सड़क दुर्घटनाएं: 300 से घटकर 231 (23% कमी)
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मृतकों की संख्या: 121 से घटकर 105 (13.2% कमी)
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घायलों की संख्या: 219 से घटकर 181 (17.3% कमी)
इस प्रकार कुल 69 दुर्घटनाएं कम हुईं और 16 लोगों की जान बचाई जा सकी, जो प्रशासन के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
प्रवर्तन और जागरूकता का दिखा असर
अधिकारियों के अनुसार, यह सफलता सख्त प्रवर्तन कार्रवाई, ब्लैक स्पॉट्स के सुधार और लगातार चलाए जा रहे जन-जागरूकता अभियानों का परिणाम है।
पुलिस और परिवहन विभाग के संयुक्त प्रयासों से यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित किया गया, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आई है।
प्रशासन की अपील: नियमों का करें पालन
डॉ. उदित नारायण पाण्डेय ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन का लक्ष्य सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम स्तर तक लाना है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे यातायात नियमों का पालन करें, हेलमेट और सीटबेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें तथा निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाएं, ताकि खुद और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
भविष्य की कार्ययोजना
प्रशासन आने वाले समय में सड़क सुरक्षा के चारों स्तंभ—प्रवर्तन, इंजीनियरिंग, शिक्षा और इमरजेंसी केयर—को और मजबूत करने की दिशा में कार्य करेगा।
इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कैमरों जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर यातायात प्रबंधन को और बेहतर बनाया जाएगा। गौतमबुद्धनगर में सड़क सुरक्षा को लेकर किए गए प्रयासों से यह साफ है कि सही रणनीति और सख्त क्रियान्वयन से सकारात्मक बदलाव संभव है। प्रशासन और जनता के सहयोग से भविष्य में सड़कें और अधिक सुरक्षित बनने की उम्मीद है।