जापान में 7.5 तीव्रता का भूकंप
Mediawali news
जापान में सोमवार को 7.5 रिक्टर तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिससे पूरे उत्तरी क्षेत्र में दहशत फैल गई। भूकंप का केंद्र इवाते प्रिफेक्चर के सानरिकु तट के पास था और यह भारत के समयानुसार दोपहर 1:23 बजे दर्ज किया गया। जापानी तीव्रता पैमाने पर प्रभावित इलाकों में इसकी तीव्रता “ऊपरी 5” तक पहुंची, जो काफी तेज मानी जाती है।
सुनामी का खतरा और चेतावनी
भूकंप के तुरंत बाद जापान मौसम एजेंसी (JMA) ने तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी चेतावनी जारी कर दी। एजेंसी के अनुसार होक्काइडो, आओमोरी और इवाते के कुछ हिस्सों में 3 मीटर तक ऊंची लहरें उठने की आशंका जताई गई है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे तुरंत सुरक्षित स्थानों और ऊंचे इलाकों की ओर चले जाएं। साथ ही समुद्र तटों, नदियों और निचले इलाकों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।
परिवहन सेवाओं पर असर
भूकंप के झटकों के बाद कई परिवहन सेवाओं पर असर पड़ा। तोहोकू शिंकानसेन बुलेट ट्रेन सेवा को टोक्यो स्टेशन और शिन-आओमोरी स्टेशन के बीच अस्थायी रूप से रोक दिया गया। इसके अलावा यामागाता और अकिता शिंकानसेन सेवाएं भी बंद कर दी गईं। इवाते प्रिफेक्चर में सभी लोकल JR ट्रेन सेवाएं रोक दी गईं, जबकि होक्काइडो में भी कुछ लोकल लाइनें प्रभावित हुईं। हालांकि शिन-चितोसे एयरपोर्ट और सेंडाई एयरपोर्ट ने बताया कि उनकी सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं।
कई क्षेत्रों में सुनामी लहरें दर्ज
भूकंप के बाद कई तटीय इलाकों में सुनामी लहरें दर्ज की गईं। इवाते के कुजी पोर्ट पर 80 सेंटीमीटर ऊंची लहर टकराई और जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई गई। मियाको पोर्ट पर 40 सेंटीमीटर, आओमोरी के हाचिनोहे पोर्ट पर 30 सेंटीमीटर और होक्काइडो के उराकावा व मियागी के इशिनोमाकी आयुकावा में 20 सेंटीमीटर तक की लहरें दर्ज की गईं। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में पानी का स्तर और बढ़ सकता है, इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है।
न्यूक्लियर प्लांट्स पूरी तरह सुरक्षित
भूकंप के बाद परमाणु संयंत्रों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई, लेकिन अधिकारियों ने राहत की खबर दी है। टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी ने बताया कि फुकुशिमा दाइची न्यूक्लियर प्लांट और फुकुशिमा दाइनी न्यूक्लियर प्लांट में कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई। साथ ही रेडिएशन स्तर भी सामान्य है। अन्य संयंत्रों जैसे हिगाशिदोरी और ओनागावा में भी कोई असामान्यता नहीं मिली है।
भूकंप के प्रति संवेदनशील देश
जापान दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देशों में से एक है। यह चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों के संगम पर स्थित है और प्रशांत महासागर के “रिंग ऑफ फायर” क्षेत्र का हिस्सा है। यहां हर साल लगभग 1500 भूकंप आते हैं, हालांकि ज्यादातर हल्के होते हैं। इससे पहले दिसंबर में भी जापान में 7.6 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें कई लोग घायल हुए थे और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा था।
राहत और निगरानी जारी
फिलहाल राहत और आपातकालीन सेवाएं स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। संभावित नुकसान का आकलन किया जा रहा है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि आने वाले कुछ घंटों तक स्थिति संवेदनशील बनी रह सकती है, इसलिए सभी को आधिकारिक निर्देशों का पालन करना चाहिए।