TCS नासिक विवाद: यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के आरोपों ने मचाया हड़कंप

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Mediawali news 

क्या है पूरा मामला?

नासिक स्थित Tata Consultancy Services (TCS) की बीपीओ यूनिट में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के गंभीर आरोप सामने आए हैं। यह मामला 2022 से मार्च 2026 के बीच का बताया जा रहा है, जिसमें कई महिला कर्मचारियों ने अपने वरिष्ठ सहयोगियों पर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने अब तक कुल नौ शिकायतों के आधार पर मामला दर्ज किया है और सात आरोपियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है, जिनमें छह पुरुष और एक महिला एचआर अधिकारी शामिल हैं।

मुख्य आरोपी निदा खान फरार, परिवार का दावा—गर्भवती है

इस मामले की मुख्य आरोपी निदा खान फिलहाल फरार है। परिवार का कहना है कि वह मुंबई में है और गर्भवती है। बताया जा रहा है कि निदा अपने पहले बच्चे की उम्मीद कर रही है। इसी आधार पर उसने कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी भी दाखिल की है। पुलिस का कहना है कि वे मेडिकल दावों की पुष्टि आधिकारिक माध्यमों से करेंगे। वहीं, विशेष जांच दल (SIT) लगातार उसकी तलाश में छापेमारी कर रहा है।

महिला कर्मचारियों के गंभीर आरोप

आठ महिला कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि उनके साथ लंबे समय तक मानसिक और यौन उत्पीड़न किया गया। उनका कहना है कि उन्होंने कई बार कंपनी के एचआर विभाग से शिकायत की, लेकिन उनकी बातों को नजरअंदाज कर दिया गया। एक पीड़िता ने आरोप लगाया कि एक आरोपी ने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। इसके अलावा, छेड़छाड़, आपत्तिजनक टिप्पणियां और पीछा करने जैसे आरोप भी सामने आए हैं।

धार्मिक उत्पीड़न के आरोप भी आए सामने

जांच के दौरान पुलिस को धार्मिक उत्पीड़न का भी एक पैटर्न मिला है। आरोप है कि एक पुरुष कर्मचारी को जबरन नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया गया और उसके धर्म का अपमान किया गया। इस पहलू ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है, जिसके चलते केंद्रीय एजेंसियों को भी सूचित किया गया है।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया: ‘सुनियोजित मॉड्यूल’ का संकेत

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि शुरुआती जांच में यह एक सुनियोजित “मॉड्यूल” का हिस्सा लग रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां संगठित तरीके से चलाई जा रही थीं। साथ ही, उन्होंने TCS प्रबंधन की सराहना की कि कंपनी जांच में पूरा सहयोग कर रही है और आरोपियों का बचाव नहीं कर रही।

कंपनी का बयान और आंतरिक जांच

TCS ने स्पष्ट किया है कि उनकी कंपनी में उत्पीड़न के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति है। Natarajan Chandrasekaran ने इन आरोपों को दुखद और चिंताजनक बताया है। कंपनी की मुख्य परिचालन अधिकारी Aarthi Subramanian के नेतृत्व में आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है।

जांच जारी, कई सवाल बाकी

फिलहाल पुलिस और एसआईटी मामले की गहराई से जांच कर रही है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है और पीड़ितों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। यह मामला न केवल कॉर्पोरेट वर्कप्लेस की सुरक्षा पर सवाल उठाता है, बल्कि संस्थागत जवाबदेही और कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर चिंताएं पैदा करता है।

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