ईरान जंग में नया मोड़: अमेरिकी दावों पर उठे सवाल

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Donald Trump ने 2 अप्रैल को दिए अपने संबोधन में दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की हवाई ताकत को पूरी तरह खत्म कर दिया है और अब ईरानी आसमान पर उसका नियंत्रण है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी विमान तेहरान के ऊपर उड़ रहे हैं और ईरान जवाब देने की स्थिति में नहीं है। विदेश मंत्री Marco Rubio ने भी इसी तरह के बयान दिए। हालांकि, हालात इन दावों से अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं।

 23 साल बाद दुश्मन ने गिराया अमेरिकी फाइटर जेट

न्यूज एजेंसी Associated Press के अनुसार, पिछले 24 घंटों में अमेरिका के दो सैन्य विमान और दो ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टर हमलों का शिकार हुए। 2003 के Iraq War के बाद यह पहला मौका है जब दुश्मन की गोलीबारी में अमेरिकी फाइटर जेट गिराया गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने एक F-15E फाइटर जेट को निशाना बनाया। इसके बाद रेस्क्यू मिशन में पहुंचे A-10 एयरक्राफ्ट पर भी हमला हुआ। हालांकि पायलट सुरक्षित इजेक्ट कर गया, लेकिन विमान क्रैश हो गया।

 अब तक 7 अमेरिकी विमान हो चुके हैं नष्ट

ईरान युद्ध के दौरान अब तक अमेरिका को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

2 मार्च: कुवैत में ‘फ्रेंडली फायर’ में 3 F-15 गिरे

12 मार्च: इराक में KC-135 क्रैश, 6 क्रू की मौत

27 मार्च: सऊदी बेस पर E-3 सेंट्री नष्ट

3 अप्रैल: F-15 और A-10 दुश्मन की फायरिंग में तबाह

यह आंकड़े दिखाते हैं कि जंग में अमेरिका को लगातार नुकसान झेलना पड़ रहा है।

ईरान की ‘असिमेट्रिक वॉरफेयर’ रणनीति

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान सीधे युद्ध में अमेरिका से मुकाबला नहीं कर सकता, इसलिए वह ‘असिमेट्रिक वॉरफेयर’ यानी अलग रणनीति अपना रहा है। इसमें कम संसाधनों से ज्यादा नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जाती है।
ईरान मोबाइल मिसाइल सिस्टम, छिपे लॉन्चर और अचानक हमलों का इस्तेमाल कर रहा है, जिससे अमेरिका को उसकी रणनीति समझने में मुश्किल हो रही है।

 मजीद एयर डिफेंस बना बड़ा खतरा

ईरान का ‘मजीद’ एयर डिफेंस सिस्टम इस जंग में अहम भूमिका निभा रहा है। यह इंफ्रारेड तकनीक पर आधारित है, जिससे यह रडार में आसानी से पकड़ में नहीं आता।
करीब 8 किमी की दूरी और 6 किमी ऊंचाई तक निशाना साधने वाला यह सिस्टम कम ऊंचाई पर उड़ रहे विमानों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहा है।

 मोबाइल लॉन्चर से बढ़ी चुनौती

ईरान अब स्थिर सिस्टम की बजाय मोबाइल लॉन्चर का इस्तेमाल कर रहा है, जिन्हें तेजी से एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है। “फायर करो और हट जाओ” रणनीति के कारण इनका पता लगाना मुश्किल हो गया है।

इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि जंग के 35 दिन बाद भी ईरान ने अपनी रणनीति से अमेरिका को चुनौती दी हुई है और संघर्ष अब और जटिल होता जा रहा है।

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