दिल्ली-एनसीआर में हवा फिर ज़हरीली: 9 दिसंबर को AQI ‘बहुत खराब’ श्रेणी में
राजधानी के कई इलाकों में AQI 320–342 के बीच
9 दिसंबर 2025 को दिल्ली और एनसीआर की वायु गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच गई। कई क्षेत्रों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) “poor” से बढ़कर “very poor” श्रेणी में दर्ज किया गया। सबसे अधिक प्रदूषण बवाना में दर्ज हुआ, जहाँ AQI 342 रहा। इसके अलावा जहाँगीरपुरी, पुसा, नेहरू नगर, विवेक विहार और रोहिणी जैसे प्रमुख इलाकों में AQI 320 से 330 के बीच पहुंच गया, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक माना जाता है।
मौसम में बदलाव और प्रदूषण के कारक
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय हवा की गति बेहद धीमी है, जिससे प्रदूषक हवा में लंबे समय तक जमा रहते हैं। इसके साथ ही सर्दी के बढ़ते असर से हवा जमीन के पास ठहरने लगती है और प्रदूषण फैलने की बजाय नीचे ही जमा हो जाता है।
वाहनों से निकलने वाला धुआँ, औद्योगिक क्षेत्रों की उत्सर्जन दर, और लगातार जारी निर्माण गतिविधियाँ प्रदूषण के स्तर को और बढ़ा रही हैं। इसके अलावा, पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने के कुछ मामलों का प्रभाव भी दिल्ली-एनसीआर की हवा पर देखा जा रहा है।
स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव
“Very Poor” श्रेणी का AQI सांस से जुड़ी दिक्कतों, आंखों में जलन, खांसी और अस्थमा के मरीजों के लिए जोखिम बढ़ा देता है। डॉक्टरों ने बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को घर से बाहर कम निकलने की सलाह दी है।
अभी राहत की उम्मीद कम
मौसम विभाग का अनुमान है कि हवा की गति बढ़ने पर ही हालात सुधरेंगे। तब तक लोगों को मास्क पहनने, घरों में एयर प्यूरीफायर इस्तेमाल करने और प्रदूषण से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।