तेजस्वी यादव का चुनाव आयोग पर सवाल — “पहले चरण की वोटिंग का जेंडर-वाइज डेटा अब तक क्यों नहीं जारी किया गया?”
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण की वोटिंग से ठीक पहले राज्य की राजनीति गरमा गई है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने सोमवार (10 नवंबर 2025) को चुनाव आयोग (ECI) पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने 6 नवंबर को हुए पहले चरण के मतदान का जेंडर-वाइज डेटा अब तक सार्वजनिक नहीं किया है, जो अब तक के चुनावों में पहले कभी नहीं हुआ।
आरजेडी नेता ने ईसीआई से की पारदर्शिता की मांग, कहा — “पहली बार डेटा छिपाया जा रहा है”
तेजस्वी यादव ने कहा, “पहली बार ऐसा हो रहा है कि चार दिन बीत जाने के बाद भी आयोग ने यह नहीं बताया कि कितनी महिलाओं और कितने पुरुषों ने मतदान किया। पहले यह जानकारी तुरंत दी जाती थी। आखिर अब क्या छिपाया जा रहा है?” उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि महागठबंधन ‘वोट चोरी’ या किसी भी तरह की चुनावी गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं करेगा।
दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग मंगलवार (11 नवंबर) को होगी, जिसमें 3.70 करोड़ से अधिक मतदाता 1,302 उम्मीदवारों का भविष्य तय करेंगे। इस चरण में 122 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है, जिनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज प्रमुख हैं।
दूसरे चरण से पहले राज्य में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, सीमांचल बनेगा सियासी अखाड़ा
इस चरण की लड़ाई खासकर सीमांचल क्षेत्र में बेहद दिलचस्प मानी जा रही है, जहां सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और विपक्षी INDIA गठबंधन के बीच सीधी टक्कर है। जेडीयू के वरिष्ठ नेता और राज्य मंत्रिमंडल के सबसे अनुभवी सदस्य बिजेंद्र प्रसाद यादव एक बार फिर सुपौल सीट से आठवीं बार जीत की कोशिश में हैं।
राज्य में किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। प्रशासन ने सीमांचल और उत्तर बिहार के जिलों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की है, ताकि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण और निष्पक्ष हो सके।
तेजस्वी यादव के आरोपों और चुनावी गर्मी के बीच अब सबकी निगाहें मंगलवार को होने वाली अंतिम चरण की वोटिंग पर टिकी हैं।